Bihar: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिहार में भगदड़ में लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को बिहार के लखीसराय जिले में अशोक धाम मंदिर के पास मची भगदड़ में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बिहार के लखीसराय जिले में भगदड़ की घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।’’
इसके साथ ही बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने दुख जताते हुए कहा कि “लखीसराय के अशोकधाम की घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मन व्यथित है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों के समुचित एवं त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”
उन्होंने कहा कि लखीसराय के अशोकधाम हाल्ट पर हुई हृदयविदारक दुर्घटना में सभी मृतकों के निकटतम आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से ₹4-4 लाख अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा। दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदना और प्रतिबद्धता के साथ शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।
बता दे कि अशोकधाम हॉल्ट पर एक साथ दोनों दिशाओं से ट्रेनों के पहुंचने के बाद अचानक अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कुछ श्रद्धालुओं के भागने से रास्ते में लगी बांस की बैरिकेडिंग टूट गई और बिजली का एक पोल भी गिर गया। पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं में दहशत पैदा हो गई। भगदड़ में कई महिलाएं भीड़ के दबाव में दब गईं। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की मौत करंट लगने से नहीं हुई, बल्कि भगदड़ के दौरान भीड़ में दबने से हुई है। डीएम शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने बताया कि हादसे के समय बिजली आपूर्ति बंद थी और बिजली के तार भी कवर किए गए थे।