Pappu Yadav: दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह लोकसभा सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को बिना किसी देरी के एक अतिरिक्त निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) उपलब्ध कराए। बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक आवेदन देकर देशव्यापी ‘वाई प्लस’ सुरक्षा मुहैया करने की मांग की थी। उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक और अयोध्या के राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दों पर संसद में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने के मद्देनजर यह मांग की थी।
केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि यादव को पहले से ही ‘‘पर्याप्त सुरक्षा’’ दी जा रही है, वहीं न्यायमूर्ति मनोज जैन ने सांसद के राष्ट्रीय राजधानी स्थित सरकारी आवास पर हुई एक अप्रिय घटना का संज्ञान लेते हुए टिप्पणी की, ‘‘ये एक अहम विषय है। वह सांसद हैं।’’ न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस बीच, भले ही ये अस्थायी तौर पर हो, आप सुरक्षा बढ़ा सकते हैं। पर्याप्त सुरक्षा होने के बावजूद कोई घटना हुई है।’’
केंद्र की ओर से पेश हुए वकील आशीष दीक्षित ने अदालत को बताया कि यादव का आवेदन विचारार्थ है और तीन हफ्ते के अंदर इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने अदालत को बताया कि यादव की सुरक्षा में एक पीएसओ और कुछ अन्य सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। ये पूछे जाने पर कि क्या पूर्णिया सांसद के आवेदन पर फैसला होने तक सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है, तो दीक्षित ने कहा कि जब तक कोई खतरा न हो, सुरक्षा नहीं बढ़ाई जा सकती। पप्पू यादव के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत ने कहा कि अगर इस बीच सांसद को अतिरिक्त सुरक्षा दी जाती है, तो वह इस समय याचिका पर विचार करने का अनुरोध नहीं करेंगे।
अदालत ने आदेश दिया, ‘‘रिट याचिका को आगे नहीं बढ़ाने के आधार पर निस्तारित किया जाता है। साथ ही, प्रतिवादी को निर्देश दिया जाता है कि अस्थायी व्यवस्था के तौर पर याचिकाकर्ता को बिना किसी और देरी के एक अतिरिक्त पीएसओ उपलब्ध कराये, जब तक कि संबंधित आवेदन पर उनके द्वारा निर्णय नहीं ले लिया जाता।’’
अदालत ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि अगर याचिकाकर्ता अपनी याचिका पर फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो उन्हें उचित कानूनी उपाय करने की छूट होगी। फरासत ने दलील दी कि पटना उच्च न्यायालय पहले ही बिहार में पप्पू यादव को ‘वाई प्लस’ सुरक्षा देने का निर्देश दे चुका है, और मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें देश भर में, जिसमें दिल्ली भी शामिल है, वैसी ही सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हर सांसद के पास एक पीएसओ होता है। एक व्यक्ति ने मुझे जान से मारने की धमकी दी है। मेरे सिर पर 51 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। उस व्यक्ति को आज तक पकड़ा नहीं गया है। यह सब संसद में मेरे (मुवक्किल के) विरोध-प्रदर्शन के बाद हुआ।’’