Colombia: पश्चिमी कोलंबिया के दर्जनों शहरों और कस्बों में खोज और बचाव अभियान जारी है, आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से यहां कम से कम 132 लोगों की मौत हो गई और 3,000 से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें से कई लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं, खबरों के मुताबिक करीब 1,600 इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं या ढह गईं।
चोको, जो भूकंप के केंद्र के करीब का इलाका है, कोलंबिया के सबसे गरीब और उपेक्षित इलाकों में से एक है। यहां अक्सर आपसी लड़ाई में हथियारबंद गुटों का खतरा बना रहता है। चोको के ज्यादातर हिस्सों तक सिर्फ नाव, जंगल के रास्ते या हवाई जहाज से ही पहुंचा जा सकता है। वहां हुए नुकसान के बारे में बहुत कम जानकारी मिल पाई है।
देश के नए राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला सोमवार रात चोको की राजधानी क्विबडो पहुंचे। उन्होंने घोषणा की कि स्थिति से निपटने के लिए “पूरी सेना और पुलिस व्यवस्था” को काम पर लगाया गया है और इंजीनियरों, बचाव कर्मियों और खोजी कुत्तों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, “चोको अब कभी भी उपेक्षित नहीं रहेगा।” ये भूकंप अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला के लिए पहली बड़ी परीक्षा है, जिन्होंने पिछले हफ्ते ही कोलंबिया के नए राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी। अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला विवादास्पद व्यक्ति रहे हैं, क्योंकि उन्होंने एंडियन देश में अपराधी समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा किया था।
परिवारों ने नागरिकों द्वारा चलाई जा रही वेबसाइटों पर अपने लापता प्रियजनों के बारे में जानकारी पोस्ट की। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि लगभग 7,000 लोगों की आबादी वाले शहर ‘एल काइरो’ का 80 प्रतिशत हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। जून के अंत में पड़ोसी देश वेनेजुएला में लगातार आए भूकंपों ने सैकड़ों इमारतों को नष्ट कर दिया था और 6,300 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। इन घटनाओं के बाद इस भूकंप ने भी लोगों को डरा दिया है।
पेरेइरा नगर निगम ने बताया कि कम से कम 58 इमारतें ढह गईं, जबकि कैली के मेयर अलेजांद्रो एडर ने कहा कि कम से कम 40 इमारतें गिरी हैं। लूटपाट रोकने के लिए दोनों शहरों में सोमवार रात कर्फ्यू लगा दिया गया। साथ ही, पेरेइरा में शहर की सरकार ने निजी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी है ताकि एम्बुलेंस, पुलिस और बचाव कर्मियों के लिए रास्ता साफ रहे।
अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की है कि वो आपातकालीन आश्रय, भोजन और दूसरी सहायता के लिए 15.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर देगा। लैटिन अमेरिका भर की सरकारें भी मदद के लिए आगे आई हैं। पेरेइरा के मेयर मॉरिसियो सालाजार ने कांपती आवाज में स्थानीय मीडिया से कहा, “ये पूरे शहर और हजारों परिवारों के लिए एक त्रासदी है। लेकिन हम यहां हैं, और ईश्वर का हाथ थामकर आगे बढ़ते रहेंगे।”