Chamoli: चमोली में क्लाउडबर्स्ट, कई गांवों का संपर्क टूटा

Chamoli:  भारत-चीन सीमा से सटी नीती घाटी में बादल फटने से हाहाकार मच गया। चमोली के तमक नाले में आई उफान से BRO का पुल बह गया। इससे सीमा के 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क कट गया है। इतना ही नहीं इस घटना में एक जवान भी लापता है। वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी तत्काल प्रभाव से मामले का संज्ञान लेते हुए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश देते हुए राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाने को कहा।

चमोली के तमक गांव के पास बादल फट गया। उच्च हिमालयी क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से तमक नाला उफान पर आ गया। बीआरओ द्वारा एक महीने पहले बनाया गया पुल सेकंडों में बह गया। पुल के पास खड़ा बीआरओ का वाहन भी बाढ़ में बह गया। मलबे में बीआरओ का एक हवलदार लापता है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें देर रात से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

पुल टूटने से तमक, जुम्मा, कागा, गरपक, द्रोणागिरी, जेलम, कोषा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरागांव, फर्किया, बांपा, गामशाली समेत 12 से ज्यादा गांवों का सड़क संपर्क टूट गया। इंडो-चाइना बॉर्डर की आर्मी चौकियों पर भी असर पड़ा है। घटना के बाद सीएम धामी ने अधिकारियों को राहत-बचाव में तेजी लाने को कहा।

वही आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन के मुताबिक घाटी में अत्यधिक बादल बनने से तमक नाले में भारी पानी आया और ये घटना हुई। सीएम के निर्देश पर कटे गांवों से संपर्क जोड़ा जा रहा है। वैकल्पिक मार्गों से राहत पहुंचाई जाएगी, अब पुल निर्माण और वैकल्पिक मार्ग बनाने की जिम्मेदारी बीआरओ को दी गई है। बीआरओ घटना की जांच करेगा। साथ ही आपदा प्रबंधन वैज्ञानिकों के जरिए तमक नाले का अध्ययन कराएगा।

तमक नाले का आपदा से पुराना नाता रहा है। यहां पहले भी कई बार पुल बह चुके हैं। बीआरओ ने RCC पुल बनाया था जो एक साल पहले बह गया। फिर ह्यूम पाइप से अस्थाई सड़क और वैली ब्रिज से यातायात चलाया गया। अब फिर सीमा क्षेत्र का संपर्क टूटा है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार, सेना और बीआरओ मिलकर इसका स्थाई समाधान कब तक निकाल पाते हैं।

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