Rajya Sabha: राज्यसभा ने विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक का मकसद भारत की संचित निधि से उन खर्चों के लिए पैसे निकालने की मंजूरी देना है, जो 31 मार्च, 2023 को खत्म हुए वित्त वर्ष के दौरान कुछ सेवाओं पर मंजूर की गई रकम से ज्यादा किए गए थे।
चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार यह अनुदान की अनुपूरक मांगें 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वर्ष में अतिरिक्त खर्च के लिए लायी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस अतिरिक्त बजट को लोक लेखा समिति (पीएसी) की सिफारिश पर लायी है तथा पीएसी की अध्यक्षता विपक्ष के नेता करते हैं।
उन्होंने कहा कि एक अतिरिक्त मांग एक खास अदालती आदेश से जुड़ी है, जो रेल मंत्रालय के लिए 196.44 करोड़ रुपये का था। दूसरी मांग 53,871 करोड़ रुपये की बड़ी रकम से जुड़ी है, जो कर्ज चुकाने के लिए है।
हालांकि, सीतारमण ने कहा कि कर्ज से होने वाली प्राप्तियों का स्वरूप सिक्योरिटीज जारी करने जैसा है, इसलिए इसका राजकोषीय असर नहीं पड़ता है।
राज्यसभा से ध्वनि मत से मंजूरी मिलने के बाद बिल को लोकसभा वापस भेज दिया गया, जिससे मनी बिल के लिए संसदीय प्रक्रिया पूरी हो गई।