Rahul Gandhi: संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक के मुद्दे पर लंबी और गरमागरम बहस जारी है, एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्र आंदोलन देश के युवाओं का भाव व्यक्त करना था। मुझे लगता है कि हर राजनीतिक दल को इस भाव व्यक्तता का सम्मान करना चाहिए। खासकर हमारे भाजपा के साथियों को। अगर हमारे भाजपे के साथी अपने खुद के बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन क्या कर रहे थे तो उन्हें पता चलेगा कि प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ और वह क्यों प्रदर्शन से सहमति रखते हैं।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि कुछ छात्रों, युवा लड़कियों के परिप्रेक्ष्य ने मुझे नया नजरिया दिया। मैं उनके नजरिए से सहमत हूं। आप कहते हैं कि आप छात्र हैं इसका क्या मतलब है? उन्होंने मुझसे कहा कि एक छात्र वह है जिसका खुला दिमाग और खुला दिल है। छात्र वह है जो शुरुआत से लिखता है, मानते हैं कि उन्हें सबकुछ नहीं पता। छात्र वह होते हैं जो वह जानते हैं उसके ऊपर कुछ नया ज्ञान है। वह यह मानते हैं कि ब्रह्मांड लगातार बदल रहा है। ऐसे में छात्र मानते हैं कि ज्ञान भी लगातार बदल रहा है। छात्रों ने कहा कि विनम्रता भी इसका एक अहम पहलू है क्योंकि हमें पता है कि कोई हमसे भी ज्ञानी मौजूद है, जो इस ज्ञान को बढ़ा सकता है।
उन्होंने कहा कि मैंने छात्रों से दूसरे पक्ष के बारे में पूछा, बच्चों ने कहा- वह सुनते नहीं हैं, उन्हें लगता है कि ज्ञान उनके अंदर से आता है। मैंने उनसे पूछा कि वह ऐसे लोगों को क्या कहते हैं तो छात्रों ने कहा कि बेवकूफ। उन्होंने कहा कि हर कोई एक छात्र हो सकता है, अगर वह समझना चाहता है। यहां तक कि ब्रह्मांड का सम्मान करना भी एक छात्र की परिभाषा हो सकता है।
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के प्रदर्शन को गुस्सा, हिंसा या नफरत के रूप में नहीं देखना चाहिए। यह देश के युवाओं की भावनाओं और उनकी चिंताओं को सामने रखने का तरीका है। उन्होंने कहा कि युवाओं के इस प्रदर्शन को देखकर उन्हें खुशी और भरोसा मिला है। सभी राजनीतिक दलों, यहां तक कि भाजपा को भी युवाओं की बात का सम्मान करना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा के नेता अगर अपने बच्चों से इस प्रदर्शन के बारे में बात करेंगे, तो हो सकता है कि उनके बच्चे भी प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समर्थन करें। उन्होंने कहा, जो हुआ है, उसमें कुछ भी गलत नहीं है। हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए।
इसके साथ ही कहा कि यह पूरा फ्रेमवर्क मुझे एक 18 साल की लड़की ने समझाया। लगता है कि हमारे जो छात्र-छात्राएं हैं वो एग्जाम के बारे में बात कर रहे हैं। वो शिक्षा प्रणाली के बारे में बात कर रहे हैं, वह शिक्षा की कॉस्ट के बारे में बात कर रहे हैं। यह काफी महंगा है। शिक्षा में काफी पैसा सिर्फ एक परीक्षा में खर्च होता है। उतना, जितना लगभग हमारा शिक्षा बजट में खर्च होता है।
राहुल गांधी ने छात्रों से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक छात्र से पूछा कि एक छात्र का लक्ष्य क्या होता है। राहुल गांधी के मुताबिक, छात्र ने जवाब दिया कि छात्र हमेशा सच्चाई के पीछे दौड़ता है। इसके बाद राहुल गांधी ने कुछ अन्य वर्गों को लेकर टिप्पणी की, जिस पर सदन में शोर शुरू हो गया। हंगामे के बीच राहुल गांधी ने कहा, ‘ये क्या हो रहा है.’ उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने पूछा कि जो छात्र नहीं हैं, उनके बारे में क्या कहा जा सकता है, तो छात्र ने जवाब दिया कि छात्र सच को अपने सीने पर लेकर चलते हैं, जबकि कुछ लोग ऐसी छवि चाहते हैं जो सच नहीं होती। राहुल गांधी ने छात्र के हवाले से कहा कि कुछ लोग खुद को भगवान समझने लगते हैं और कुछ लोग ऐसे मूर्ख व्यक्ति को ही भगवान मान लेते हैं।