Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, राजौरी में बादल फटने से तबाही

Jammu Kashmir:  जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। राजौरी, पुंछ, डोडा, किश्तवाड़ और बडगाम में बादल फटने और लैंडस्लाइड से हालात बेहद गंभीर हैं…. करीब 27 लोगों की मौत हो चुकी है। राहत और बचाव अभियान जारी है, जबकि मौसम विभाग ने अभी भी भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है.

जम्मू-कश्मीर में बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। पीर पंजाल घाटी से लेकर चेनाब वैली और कश्मीर संभाग के कई इलाकों में बाढ़, बादल फटने और लैंडस्लाइड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब तक करीब 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। राजौरी और पुंछ में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली है….. राजौरी के बेला बस स्टैंड के पास बादल फटने से अचानक सैलाब आ गया। पानी के तेज बहाव में सैकड़ों वाहन बह गए और बस स्टैंड पूरी तरह तबाह हो गया। कई इलाकों में घरों और दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

वहीं चेनाब वैली के डोडा और किश्तवाड़ में भी हालात बेहद खराब हैं। भारी बारिश के चलते पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसक गया, जिससे डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे बंद हो गया है। लैंडस्लाइड के मलबे में कई वाहन दब गए हैं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। कश्मीर संभाग के बडगाम जिले के बीरवाह इलाके में भी बारिश का कहर देखने को मिला। पानी के तेज बहाव के कारण कई दुकानों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए प्रभावित इलाकों में स्कूल-कॉलेज 26 जुलाई तक बंद रखने का फैसला लिया है।

खराब मौसम और रास्तों पर लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा भी अस्थाई रूप से प्रभावित हुई है। वहीं राज्य सरकार ने पुंछ और राजौरी के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 6 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।बचाव कार्य के लिए NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। मौसम विभाग ने अभी भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे जरूरी होने पर ही बाहर निकलें और नदी-नालों व पहाड़ी रास्तों से दूरी बनाए रखें।

बारिश और प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर में फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द हालात सामान्य किए जा सकें…..जम्मू-कश्मीर में इस समय पीर पंजाल घाटी (राजौरी और पुंछ), चेनाब वैली (किश्तवाड़, डोडा) और कश्मीर संभाग के बडगाम और बांडीपोरा जिलों में बाढ़, बादल फटने और लैंडस्लाइड से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते अब तक करीब 27 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग विस्थापित हुए हैं

इन दोनों जिलों में सबसे भीषण तबाही देखी गई है. राजौरी के बेला बस स्टैंड के पास बादल फटने से सैलाब आ गया, जिसमें सैकड़ों गाड़ियाँ खिलौनों की तरह बह गईं और बस स्टैंड पूरी तरह तबाह हो गया. भारी मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसकने (Landslide) से डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद हो गया है. मलबे में कई गाड़ियाँ दब गई हैं, कश्मीर घाटी के बडगाम जिले (बीरवाह इलाका) में पानी के तेज बहाव के कारण दुकानों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के ढहने की तस्वीरें सामने आई हैं.

धार्मिक यात्राएं स्थगित: खराब मौसम और रास्तों पर लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा अस्थाई रूप से प्रभावित हुई है.

स्कूल-कॉलेज बंद: प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों में सभी शैक्षणिक संस्थानों को 26 जुलाई तक बंद रखने का आदेश दिया है.

मुआवजे का एलान: सरकार ने पुंछ और राजौरी में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए 6 लाख रुपये की तात्कालिक वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है

प्रशासन की तैयारी और बचाव कार्य-

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस बल युद्ध स्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटे हैं.

एडवाइजरी: मौसम विभाग ने अभी भी भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है. प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घरों से निकलें और नदी-नालों व पहाड़ी रास्तों से दूर रहें.

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