PM Modi: प्रधानमंत्री मोदी के प्रम्बानन मंदिर दौरे के बाद दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी किया, इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति सुबियांतो ने 2029 से पहले जीर्णोद्धार पूरा करने का वादा लिया है। वे योजना बनाकर काम करते हैं, ऐसे में पूरा भरोसा है कि काम पूरा होगा और वे इंडोनेशिया आकर एकसाथ इसका जश्न मनाएंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि इस गौरवशाली स्थल के जीर्णोद्धार का हिस्सा बनने को लेकर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा, एक हजार साल से भी अधिक पुराना प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का एक शाश्वत प्रतीक है। संयुक्त संरक्षण परियोजना में भारतीय पक्ष से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) प्रमुख एजेंसी होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के लोगों को जोड़ती है। इंडोनेशिया के लोग प्रम्बानन मंदिर परिसर की ‘महान विरासत’ को संरक्षित करने के लिए धन्यवाद के पात्र हैं।संयुक्त संरक्षण परियोजना के उद्घाटन का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा, ‘मैंने जो बातचीत सुनी है, उससे पता चलता है कि यहां की हवाओं में संस्कृति की सुगंध है। वह सुगंध जिसे हम भारत की धरती पर हर पल महसूस करते हैं। यह सुगंध, यह सांस्कृतिक विरासत, हमें जोड़ती है।
पारंपरिक स्वागत और अवलोकन
इससे पहले प्रम्बानन मंदिर परिसर पहुंचने पर मोदी का पारंपरिक स्वागत किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति के साथ प्राचीन स्थल का दौरा किया। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी साफ दिखी, जब उन्होंने हाथ मिलाए और मंदिर परिसर के केंद्रीय शिखरों की पृष्ठभूमि में फोटो खिंचवाई। अपनी यात्रा के दौरान मोदी को ‘इंडोनेशिया-इंडिया कोलैबोरेटिव कल्चरल हेरिटेज कंजर्वेशन फॉर प्रम्बानन टेंपल कंपाउंड’ नामक एक औपचारिक पैनल पर परियोजना और मंदिर के इतिहास की झलक भी दी गई। इसमें परियोजना के डिजाइन और अपेक्षित परिणाम का विवरण भी था। मोदी का इंडोनेशियाई लोगों के एक समूह ने पारंपरिक मंत्रों और घंटियों की मधुर ध्वनि से स्वागत किया।
इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय! pic.twitter.com/AuHupT2vSO
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026