Amarnath Yatra: देश की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। यात्रा को लेकर जम्मू के तवी रिवरफ्रंट स्थित बेस कैंप पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जहां ऑन-द-स्पॉट (करंट) रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है। जिन श्रद्धालुओं ने पहले ऑनलाइन या बैंक के माध्यम से पंजीकरण नहीं कराया था, वे बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंच रहे हैं।
अपनी बारी का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं में उत्साह साफ नजर आ रहा है। पहली बार यात्रा पर जा रहे एक श्रद्धालु ने कहा कि वर्षों से बाबा बर्फानी के दर्शन की इच्छा थी, जो अब पूरी होने जा रही है। उन्होंने कहा कि लंबी कतार में इंतजार के बावजूद उनका एकमात्र उद्देश्य बाबा अमरनाथ के दर्शन करना है।
वहीं राजस्थान के बीकानेर से पहुंचे श्रद्धालु चंद्रशेखर चांगाणी ने यात्रा प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं के लिए किए गए इंतजाम बेहद उत्कृष्ट हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा मार्गों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मंगलवार को नव-निर्मित यात्री निवास श्री प्रेम गर्ग भवन, पाथन चौक बेस कैंप में आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल का आयोजन कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया।
करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा हिंदू आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से एक साथ दो मार्गों से शुरू होगी—पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व के साथ होगा।