West Bengal:पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना पहला बजट विधानसभा में पेश किया। राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने 4,38,775.29 करोड़ रुपये (नेट) के बजट के साथ कई बड़ी कल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की घोषणा की।
भाजपा के चुनावी वादे को पूरा करते हुए सरकार ने राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसके बाद कुल DA बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी।
महिलाओं के लिए चलाई जा रही अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने 3,000 रुपये की सहायता जारी रहेगी। इसके अलावा उच्च शिक्षा में छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से अविवाहित छात्राओं को एकमुश्त 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई।
सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए भी बड़ी योजना पेश की है। अक्टूबर 2026 से 21 से 45 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार स्नातकों को हर महीने 3,000 रुपये तथा अन्य पात्र युवाओं को 2,000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा। यह लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम है और जो किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं।
सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए 5,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की भी घोषणा की गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने केंद्र के सहयोग से उत्तर बंगाल में IIT और IIM स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं, फलता क्षेत्र को मॉडल विधानसभा क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना भी घोषित की गई।
चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के लिए ‘प्लांटेशन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड’ के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही सिविक वॉलंटियर्स, ग्राम पुलिस और ग्रीन पुलिस के मानदेय में अगस्त 2026 से 2,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की जाएगी। राज्य सरकार ने दुर्गापुर, आसनसोल, सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी में मेट्रो परियोजनाओं की संभावनाओं का अध्ययन शुरू करने की घोषणा की है।
गंगासागर मेले को केंद्र सरकार के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा जगद्धात्री पूजा, तारकेश्वर मेला, बारुणी मेला, रास मेला और जलपेश मेले जैसे आयोजनों को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में बदलने की योजना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी सरकारी प्रणालियों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में काम शुरू कर रही है। बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 8,565.84 करोड़ रुपये, पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए 2,544.48 करोड़ रुपये, आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा के लिए 3,035.95 करोड़ रुपये तथा उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम विभाग के लिए 3,266.59 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में पूजा-अर्चना की। खास बात यह रही कि राज्य की पारंपरिक बंगाली चटाई और जूट से बनी फाइल में बजट दस्तावेज प्रस्तुत किया गया।