US-Iran: तनाव बढ़ा, फिर भी बातचीत की मेज पर बने रहे अमेरिका और ईरान

US-Iran:  स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक अंतरिम समझौते पर उच्च-स्तरीय बातचीत शुरू हुई। बातचीत की शुरुआत तनावपूर्ण माहौल में हुई। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हमले की धमकी और उनके उस बयान पर नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के राष्ट्रपति को अपने शब्दों का ध्यान रखना चाहिए। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने मतभेदों के बावजूद बातचीत जारी रखी। सूत्रों के अनुसार, समझौते की संभावना तलाशने के लिए वार्ताकार पूरी रात काम कर सकते हैं।

इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और युद्ध की स्थिति को समाप्त करने का रास्ता निकालना है।

सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के जरिए की गई टिप्पणियों ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को और मुश्किल बना दिया। इन बयानों की वजह से ईरान को बातचीत की मेज पर बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया। वार्ता का मकसद कई बड़े और जटिल मुद्दों का समाधान निकालना था। इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और ईरान की विदेशों में फंसी अरबों डॉलर की संपत्तियों को फिर से उपलब्ध कराना शामिल था। इन बातचीतों में अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जे.डी. वेंस की अहम भूमिका रही। वहीं बातचीत में पाकिस्तान तथा कतर के अधिकारियों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

ईरान ने कहा कि आगे की बातचीत तभी संभव होगी जब इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहा संघर्ष पूरी तरह खत्म हो। फिलहाल यह साफ नहीं है कि दोनों पक्षों की अगली बैठक कब होगी। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर उसने लेबनान में हिजबुल्लाह को नहीं रोका तो अमेरिका फिर से उस पर हमला कर सकता है। ईरान ने इस चेतावनी को खारिज करते हुए कहा कि वह किसी भी संघर्ष के लिए तैयार है।

ट्रंप की टिप्पणियों के बाद ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी गलीबाफ ने एक्स पर कहा, “उन्हें अपने बयानों को लेकर सावधान रहना चाहिए। हमारी सशस्त्र सेनाएं उन्हें अलग तरह से जवाब देने के लिए तैयार हैं। वे भले ही बातें करते रहें, लेकिन असल में काम हम करते हैं।” ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच स्विट्जरलैंड में करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पहली ही बैठक में दोनों पक्षों के बीच बड़े मतभेद सामने आ गए। अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उनके मुताबिक, दोनों देश मिलकर शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं।

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