Indian Railway: दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल के करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना अब पूर्वी भारत की ओर बढ़ रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पटना से दिल्ली की दूरी महज 4 घंटे 41 मिनट में तय की जा सकेगी।
रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले बजट में दिल्ली से वाराणसी होते हुए पटना तक बुलेट ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया था। इसके विस्तार के रूप में पटना से सिलीगुड़ी तक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं।
यात्रा समय में आएगी क्रांतिकारी कमी
वर्तमान में दिल्ली और पटना के बीच रेल यात्रा में लगभग 12 से 13 घंटे लगते हैं। बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद यह समय घटकर एक-तिहाई से भी कम रह जाएगा। संभावित यात्रा समय दिल्ली से वाराणसी – लगभग 3 घंटे 50 मिनट ,दिल्ली से पटना – लगभग 4 घंटे 41 मिनट ,वाराणसी से सिलीगुड़ी – लगभग 2
घंटे 55 मिनट
चार राज्यों को जोड़ेगा हाई स्पीड कॉरिडोर
प्रस्तावित दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर देश के चार प्रमुख राज्यों — Delhi, Uttar Pradesh, Bihar और West Bengal — को हाई स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ेगा।
यह परियोजना दो प्रमुख हिस्सों में विकसित की जाएगी
दिल्ली–वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर ,वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर यह कॉरिडोर उत्तर भारत को पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी से जोड़ने का काम करेगा, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
बंगाल में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
रेल मंत्री के अनुसार, पश्चिम बंगाल में बुलेट ट्रेन समेत विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय विकास, रोजगार और कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। बुलेट ट्रेन परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, पटना और सिलीगुड़ी के बीच यात्रा का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा, जिससे करोड़ों यात्रियों का समय बचेगा और देश के पूर्वी हिस्से को नई रफ्तार मिलेगी।