West Bengal: पश्चिम बंगाल कैबिनेट के बड़े फैसले, ‘मां कैंटीन’ का नाम बदला, BSF को मिलेगी जमीन

West Bengal: पश्चिम बंगाल कैबिनेट की पहली बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, इनमें सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन देना, सस्ती भोजन योजना का विस्तार, सीवर कर्मियों के लिए बढ़ा हुआ मुआवजा और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाने का फैसला शामिल है। मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बैठक के बाद बताया कि सीमा पर फेंसिंग (बाड़ लगाने) के काम को तेज करने के लिए बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी गई है।

राज्य सरकार की लोकप्रिय ‘मां कैंटीन’ योजना का नाम बदलकर अब ‘मां आहार’ कर दिया गया है। इस योजना के तहत 5 रुपये में मिलने वाले भोजन में सप्ताह में दो दिन अंडा और मछली दी जाएगी, जबकि बाकी दिनों में शाकाहारी भोजन मिलेगा। वर्तमान में यह योजना राज्य के 390 केंद्रों पर चल रही है। बजट में प्रावधान के बाद अब 110 नए केंद्र भी खोले जाएंगे। कैबिनेट ने सीवर सफाई के दौरान होने वाली मौतों पर मिलने वाले मुआवजे को बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही काम के दौरान दिव्यांग होने वाले कर्मचारियों के लिए भी नई मुआवजा व्यवस्था को मंजूरी दी गई है।

मंत्री ने बताया कि सुरोजित नाथ मित्रा को पश्चिम बंगाल का नया एडवोकेट जनरल नियुक्त किया जाएगा। कैबिनेट ने फैसला किया है कि 20 जून को पूरे राज्य में ‘पश्चिमबंग दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। 5 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में एक साल तक चलने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी दिन उनकी 125 फीट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला भी रखी जाएगी।

इससे पहले सोमवार को कोलकाता के लोक भवन में 35 नए मंत्रियों ने शपथ ली थी। राज्यपाल आर.एन. रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार में मंत्रिपरिषद की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। नई कैबिनेट में दीपक बर्मन, अर्जुन सिंह, शंकर घोष, गौरी शंकर घोष, तपस रॉय, मनोज कुमार उरांव, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, अजय पोद्दार, स्वपन दासगुप्ता, डॉ. शरद्वत मुखर्जी और कल्याण चक्रवर्ती समेत कई नेताओं को मंत्री बनाया गया है।

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