UP News: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विवेकाधीन कोष संकट में फंसे जरूरतमंदों के लिए बड़ा सहारा बनकर उभरा है, गंभीर बीमारियों और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हजारों परिवारों को इस कोष से समय पर राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि “हमारे जनप्रतिनिधिगण या फिर कोई पीड़ित मुझे पत्र लिखता है कि मेरे पास उपचार के लिए कोई भी माध्यम नहीं है, मुझे धनराशि चाहिए, तो मैं उन्हें धनराशि उपलबध करवाता हूँ।” वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के जरिए करीब 860 करोड़ रुपये की सहायता 50 हजार से अधिक लोगों तक पहुंचाई गई। इससे प्रदेशभर के मरीजों को इलाज और आर्थिक संकट से राहत मिली।
अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि “एक्सीडेंट हो जाने पर, किसी परिवार में अकाल मृत्यु हो जाने पर, किसी परिवार के रोटी अर्जक सदस्य या कमाऊ सदस्य के न रहने पर, लोगों के बीमार होने पर, बहुत असाध्य रोगों से पीड़ित होने पर इस योजना के अंतर्गत लोगों को लाभ प्रदान किया जाता है।”
प्रमोद कुमार एक प्राइवेट कॉलेज में नौकरी करते हैं। गंभीर बीमारी के बाद इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए मुश्किल हो गया था। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मिली आर्थिक सहायता ने उनका इलाज संभव बनाया और अब वह सामान्य जीवन की ओर लौट चुके हैं। अशोक पांडे की छोटी सी ऑटो पार्ट्स की दुकान ही परिवार की आय का सहारा है। गंभीर बीमारी के कारण इलाज रुकने की नौबत आ गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मिली मदद ने उनके इलाज का रास्ता आसान कर दिया।
कैंसर, हार्ट सर्जरी और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों में यह कोष जीवनदान साबित हो रहा है। त्वरित स्वीकृति व्यवस्था के जरिए जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाकर योगी सरकार जनसेवा और सुशासन के संकल्प को मजबूत कर रही है।