Operation Sindoor: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के मौके पर उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा बलों ने संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में निगरानी और तैनाती बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार, सेना ने इस क्षेत्र में एडवांस सर्विलांस उपकरणों, नाइट विजन डिवाइस और हाई-एंड ऑप्टिकल सिस्टम के जरिए निगरानी तेज कर दी है। LoC पर घुसपैठ की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए दिन और रात दोनों समय गश्त बढ़ाई गई है।
सीमा से जुड़े अग्रिम इलाकों की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त चेकपोस्ट भी स्थापित किए गए हैं, जहां वाहनों की जांच और लोगों की पहचान सत्यापन किया जा रहा है। यह हाई अलर्ट ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली बरसी के मद्देनजर एहतियात के तौर पर लगाया गया है, ताकि सीमा के संवेदनशील इलाकों में पूरी सतर्कता और सुरक्षा तैयारियां बनी रहें। सुरक्षा एजेंसियों को सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कई अग्रिम चौकियों पर निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है। ग्राउंड पेट्रोलिंग और ऑब्जर्वेशन पोस्ट बढ़ाए गए हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय भी मजबूत किया गया है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। सीमा से लगे गांवों के लोगों ने सुरक्षा बलों की बढ़ी तैनाती का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी से इलाके में सुरक्षा और भरोसे की भावना बढ़ी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये सभी कदम एहतियात के तौर पर उठाए गए हैं और इनका उद्देश्य LoC पर स्थिरता, सुरक्षा और पूरी तैयारी सुनिश्चित करना है। गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकियों के लॉन्चपैड्स पर कार्रवाई की थी।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े 9 बड़े आतंकी लॉन्चपैड नष्ट किए गए थे और 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने ड्रोन हमले और गोलाबारी की, जिससे दोनों देशों के बीच चार दिन तक सैन्य तनाव बना रहा। भारत ने जवाबी कार्रवाई में लाहौर के रडार इंस्टॉलेशन और गुजरांवाला के पास स्थित ठिकानों को निशाना बनाया आखिरकार 10 मई 2025 को पाकिस्तान के डीजीएमओ द्वारा भारतीय डीजीएमओ से संपर्क किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी।