Heatwave: बढ़ती गर्मी, अनियमित बारिश और लंबे समय तक चलने वाले सूखे के दौर पूरे भारत में मौसम के पैटर्न को लगातार अस्थिर बनाते जा रहे हैं। ‘ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद’ द्वारा विकसित एक नया एआई-आधारित प्लेटफॉर्म, CRAVIS जिला स्तर पर होने वाले बदलावों को ट्रैक करने के लिए चार दशकों से भी ज्यादा के जलवायु डेटा को इकट्ठा करता है।
यह प्लेटफॉर्म अत्यधिक गर्मी, भारी वर्षा और सूखे के पैटर्न का पता लगाने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण जैसी एजेंसियों के 279 से ज्यादा संकेतकों का इस्तेमाल करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मंच बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि कृषि, ऊर्जा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में जलवायु संबंधी दबाव बढ़ता जा रहा है। डेटा पहले से ही बढ़ती गर्मी के तनाव की ओर इशारा कर रहा है। भारत के आधे से ज्यादा डेटा सेंटर साल में 90 से ज्यादा दिन ऐसे रिकॉर्ड कर रहे हैं, जब तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहता है।
दिल्ली में, रात के समय बढ़ते तापमान से कूलिंग की मांग बढ़ रही है, जबकि कई जिलों में अक्सर भारी बारिश हो रही है, जिससे बुनियादी ढांचे और शहरी लचीलेपन को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।