Delhi: दिल्ली की रिहायशी इलाकों में बढ़ी सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन की मांग

Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, जिसमें बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और अन्य श्रेणियों में 23,000 से ज्यादा कनेक्शन चालू कर चुकी हैं। बीएसईएस की वितरण कंपनियां – बीआरपीएल और बीवाईपीए ने मिलकर 13,600 से ज़्यादा रूफटॉप कनेक्शन चालू किए हैं, जिनका कुल लोड लगभग 260 MWp (मेगावाट पीक लोड) है। बीएसईएस के एक प्रवक्ता ने बताया कि अकेले 2025-26 में वितरण कंपनी ने 4,600 से ज़्यादा रूफटॉप कनेक्शन चालू किए, जिनमें पीएम सूर्य घर योजना के तहत 26 से ज्यादा कनेक्शन शामिल थे।

टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड शहर के कुल वितरण क्षेत्र का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा कवर करती है। कंपनी ने अब तक अपनी प्रमुख परियोजना ‘Suryansh’ के तहत 18,000 से ज़्यादा घरों को पंजीकृत किया है और पिछले वर्ष रिकॉर्ड 4,011 कनेक्शन चालू किए हैं; कंपनी के एक बयान के अनुसार, यह अब तक की सबसे ज्यादा वार्षिक वृद्धि है।

वितरण कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि सरकार की परिवर्तनकारी योजनाएं और लोगों की बढ़ती रुचि दिल्ली में रूफटॉप सोलर अपनाने में तेजी ला रही है। उपभोक्ता कुल 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं, जिसमें केंद्र सरकार से 78,000 रुपये और दिल्ली सरकार से 30,000 रुपये शामिल हैं; इसके अलावा, वोे मौजूदा नीतियों के तहत उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन भी अर्जित कर सकते हैं।

बीएसईएस के प्रवक्ता ने बताया कि एक सामान्य घर के लिए 5 KW का रूफटॉप सिस्टम हर महीने 3,500 रुपये या उससे ज्यादा की बचत करा सकता है, जो बिजली की खपत के स्तर और टैरिफ स्लैब पर निर्भर करता है। अतिरिक्त सोलर बिजली को दिल्ली विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों पर वितरण कंपनियों को बेच दिया जाता है।

उन्होंने कहा, “रूफटॉप सोलर की संख्या में इस तेजी के पीछे एक मुख्य वजह केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना’ है, जिसने ‘दिल्ली सोलर नीति’ के साथ मिलकर आवासीय उपभोक्ताओं के लिए इसे और भी ज्यादा किफायती बना दिया है।” वितरण कंपनी के आंकड़ों से पता चलता है कि रूफटॉप सोलर कनेक्शन की संख्या के मामले में आवासीय श्रेणी सबसे आगे है। बीएसईएस डिस्कॉम के पास कुल 9,888 रेजिडेंशियल इंस्टॉलेशन हैं, इसके बाद कमर्शियल प्रतिष्ठान (2,184), एजुकेशनल संस्थान (1,009), अन्य (342) और इंडस्ट्रियल उपभोक्ता (207) आते हैं।

सोलर लोड के मामले में कमर्शियल कैटेगरी सबसे आगे है, जिसका लोड 90.2 MWp है; इसके बाद रेजिडेंशियल उपभोक्ता (83.8 MWp), एजुकेशनल संस्थान (50.3 MWp), अन्य (20.5 MWp) और इंडस्ट्रियल यूनिट्स (13.6 MWp) आते हैं। बीएसईएस के प्रवक्ता ने कहा कि रूफटॉप सोलर बहुत किफायती है और इससे उपभोक्ताओं को सालाना कुल 200 करोड़ रुपये तक की बचत होती है।

अनुमान है कि कमर्शियल उपभोक्ताओं को सालाना लगभग 84 करोड़ रुपये की बचत होगी, इसके बाद रेजिडेंशियल उपभोक्ताओं को 55 करोड़ रुपये, एजुकेशनल संस्थानों को 33 करोड़ रुपये, अन्य को 13 करोड़ रुपये और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को 11 करोड़ रुपये की बचत होगी टीपीडीडीएल के एक बयान में कहा गया है कि ये ग्रीन ट्रांजिशन न केवल यूटिलिटी बिलों को कम कर रहा है, बल्कि इसने उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली की छतों को कमाई के जरियें में भी बदल दिया है, जिससे निवासियों को जेनरेशन-बेस्ड इंसेंटिव (GBI) और ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचने के जरिए आठ करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है।

बयान में आगे कहा गया है कि डिस्कॉम ने अब तक 10,310 रूफटॉप सोलर यूनिट्स को इंटीग्रेट किया है, जिससे 156.78 MWp की कुल क्षमता वाला एक मजबूत डिस्ट्रीब्यूटेड एनर्जी नेटवर्क तैयार हुआ है।

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