New Delhi: शिक्षाविद् मधु किश्वर के खिलाफ शिकायत दर्ज, सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने का लगा आरोप

New Delhi: चंडीगढ़ के निवासी की शिकायत के आधार पर शिक्षाविद् मधु किश्वर पर सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक सामग्री फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। किश्वर और कुछ अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (धर्म, जाति, भाषा के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी, नफरत या दुर्भावना को बढ़ावा देने वाले कृत्यों को अपराध घोषित करना), 336 (1) (जाली दस्तावेज बनाना) और 356 (आपराधिक मानहानि) और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सेक्टर-26 पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

चंडीगढ़ पुलिस द्वारा सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शहर के एक शिकायतकर्ता ने 19 अप्रैल को आरोप लगाया कि कुछ फर्जी और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो क्लिप, जिनमें अश्लील ‘टेक्स्ट’ और सामग्री है, अलग-अलग सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की गलत पहचान बताई गई है। मामले की जांच जारी है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, ये जानबूझकर अश्लील शब्दों और वाक्यांशों का उपयोग करके झूठा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाने का कृत्य है, वे भी यह जानते हुए और यह मानने के पर्याप्त कारण के साथ कि पोस्ट भ्रामक और झूठे हैं और इसका उद्देश्य नुकसान या चोट पहुंचाना है।

शिकायतकर्ता के अनुसार एक संवैधानिक अधिकारी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक शांति और व्यवस्था को भंग करने के इरादे से प्रसारित किए गए वीडियो की जांच की जानी चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिकायतकर्ता के अनुसार, वीडियो में दिख रहा व्यक्ति एक ट्रैवल व्लॉगर है, जिसकी पत्नी नियमित रूप से सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों के बारे में पोस्ट करती है। मूल वीडियो उनके सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया था।

पुलिस ने बयान में कहा, “महिला के बयान के अनुसार, उसने खुलासा किया है कि उसके अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में दिख रहा व्यक्ति उसका पति है। प्रारंभिक जांच के दौरान उसके पति और वीडियो में दिख रही एक अन्य महिला के बयान भी दर्ज किए गए हैं।’’

इस बीच, किश्वर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि चंडीगढ़ पुलिस की एक टीम उन्हें उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के संबंध में नोटिस देने सोमवार देर रात उनके घर आई थी। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ चूंकि कानून के अनुसार पुलिस को अंधेरा होने के बाद और सूर्योदय से पहले महिलाओं से मिलने या उन्हें गिरफ्तार करने की अनुमति नहीं है, इसलिए मैंने टीम के प्रमुख से फोन पर बात की। उन्होंने मुझे बताया कि उनकी टीम चंडीगढ़ में मेरे खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के संबंध में नोटिस देने आई है। मैंने उनसे कानून का पालन करने और सुबह आने का आग्रह किया।’’

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