Mandsaur: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में खिलचीपुरा गांव में जैसे ही सूरज उदय होता है, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगर काम पर लग जाते हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए कारीगर मटके तैयार कर रहे हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘देसी फ्रिज’ कहा जाता है।
गर्मी के मौसम में पानी को ठंडा रखने के लिए लोग मटके का इस्तेमाल करते हैं। यही वजह हैै कि इन दिनों बाजार में मिट्टी के मटकों की मांग तेजी से बढ़ गई है। कारीगर बताते हैं कि वो हम सुबह से शाम तक कड़ी मेहनत करते हैं और दिनभर में करीब 100 मटके तैयार कर लेते हैं।
मटके बनाने वाले इन कारीगरों का काम चाक तक ही सीमित नहीं है। तैयार मटकों के धूप में सूखाने से पहले उन पर डिनाइन बनाई जाती है। परिवार के लोग मटकों पर रंग करते हैं और फिर अंतिम रूप देकर उन्हें बाजार में बेचा जाता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि वो मिट्टी के घड़े स्वास्थ्य लाभ और किफायती कीमतों की वजह से खरीदना पसंद करते हैं।
गर्मी को देखते हुए मिट्टी के घड़ों की खूब बढ़ गई है। देशी उत्पादों के जरिए लोग सेहत का भी खास ख्याल रख रहे हैं। सेहत के लिए लाभकारी, प्राकृतिक रूप से ठंडा पानी और कम कीमत के कारण फ्रीज की जगह मटकों को लोग ज्यादा पसंद कर रहे है।