Rajasthan: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, वरिष्ठ बीजेपी नेताओं और राज्य सरकार के मंत्रियों ने केंद्रीय मंत्री नड्डा का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा का स्वागत किया गया।
इस मौके पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा, स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार, सांसद घनश्याम तिवारी और मंजू शर्मा सहित अन्य पार्टी नेता और पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
इससे पहले 1 अगस्त को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने देश के अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में Project SARATHI के विस्तार की संभावनाओं को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की थी। बैठक में चंडीगढ़ स्थित PGIMER में प्रोजेक्ट SARATHI के क्रियान्वयन और इसके प्रभाव की समीक्षा की गई। साथ ही इसे केंद्र सरकार के अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में लागू करने पर चर्चा हुई।
जेपी नड्डा ने कहा कि मरीजों की सुविधा केवल इलाज तक सीमित नहीं होनी चाहिए। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को समय पर सही जानकारी, मदद और संवेदनशील सहयोग मिलना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि PGIMER में SARATHI स्वयंसेवकों की मदद से मरीजों को अस्पताल में सही जगह तक पहुंचने, व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की सुविधा, जांच से जुड़ी सेवाओं की जानकारी और अन्य गैर-चिकित्सकीय सहायता मिल रही है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों को अपनी चिकित्सकीय जिम्मेदारियों पर अधिक ध्यान देने में मदद मिलती है।
बैठक में Project SARATHI को युवा मामलों और खेल मंत्रालय की MY Bharat पहल से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत युवाओं को स्वास्थ्य संस्थानों में स्वयंसेवा के लिए प्रशिक्षण और जरूरी जानकारी देने की व्यवस्था पर विचार किया गया। स्वयंसेवकों के रजिस्ट्रेशन, उपस्थिति, मरीजों की प्रतिक्रिया और ABHA ID बनाने में सहायता के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय अस्पतालों के डॉक्टर और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।