Monsoon: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है। ये जून से सितंबर तक चलने वाले भारत के महत्वपूर्ण बारिश सीजन की शुरुआत का संकेत है। आमतौर पर मानसून एक जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस साल ये थोड़ी देरी से पहुंचा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि मानसून लक्षद्वीप और केरल तक आगे बढ़ गया है और जल्द ही कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों को भी अपनी चपेट में ले लेगा। मौसम विभाग ने केरल के 14 जिलों में बारिश की चेतावनी दी है और राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है।
मौसम विशेषज्ञों ने इस साल भारत के मानसून पर अल नीनो के बुरे असर के बारे में पहले ही चेतावनी दे दी है। अल नीनो एक वार्षिक जलवायु घटना है, जो प्रशांत महासागर की सतह को गर्म कर देती है और दुनिया भर के मौसम के पैटर्न को प्रभावित करती है।
आईएमडी के मुताबिक, इस साल देश में मौसमी बारिश, एलपीए यानी दीर्घकालिक औसत की लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है।
देशभर में मौसमी बारिश का दीर्घकालिक औसत 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर 87 सेंटीमीटर है। अगर मानसून के दौरान बारिश एलपीए के 90 प्रतिशत से कम रहती है, तो आईएमडी उसे ‘अल्प बारिश’ की श्रेणी में रखता है।