Surat: गुजरात में भारी बारिश के बीच सरकार और प्रशासन की टीम मुस्तैद नज़र आई। सूरत में 30 और 31 जुलाई की मूसलाधार बारिश से जहां हालात ख़राब हो गए, वहीं समय रहते किए गए इंतजामों के चलते प्रशासन ने हालात से निपटने की तैयारी पहले ही कर ली थी। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बाद ज़िला प्रशासन सतर्क था। अंबिका नदी के किनारे स्थित गांवों और दूसरे प्रभावित ग्रामीण इलाकों से क़रीब 4000 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।
उफनाती कीम नदी की चपेट में आने से ओलपाड और मांगरोल तालुका के निचले गांवों में पानी भर गया। वहीं, सूरत शहर की मुख्य खाड़ियां भी ख़तरे के निशान से ऊपर बहने लगीं, जिससे खाड़ी के आसपास के इलाकों में पानी भर गया। इस दौरान रेस्क्यू टीम ने 2500 लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया। राहत कार्यों में SDRF, NDRF और इंडियन आर्मी की टीमें तैनात रहीं।
प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने राहत शिविरों में रहने, खाने और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी इंतजाम किया। फिलहाल पानी उतरने के साथ ही ज़िले में हालात सामान्य होने लगे हैं। लेकिन अब भी प्रशासन नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों पर नज़र बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।