NEET Re Exam: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और उच्च शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों ने भाग लिया। यह बैठक 21 जून को आयोजित होने वाली NEET UG री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।
बैठक में मंत्री ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और उच्चतम स्तर की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क और तैयार रहने के निर्देश दिए, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय द्वारा नियुक्त अधिकारी विभिन्न राज्यों में जाकर री-एग्जाम की तैयारियों की निगरानी करेंगे और वे सीधे NTA के महानिदेशक की अध्यक्षता वाले कमांड सेंटर को रिपोर्ट करेंगे।
उन्होंने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि परीक्षार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे वे बिना किसी तनाव के परीक्षा दे सकें। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी और NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह भी उपस्थित रहे। संजय कुमार ने कहा कि छात्रों को परीक्षा के दौरान हर संभव सुविधा दी जानी चाहिए, जिसमें परीक्षा से पहले बैठने की उचित व्यवस्था और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं, ताकि वे सहज महसूस कर सकें।
विनीत जोशी ने कहा कि री-एग्जाम की तारीख नजदीक होने के कारण यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अधिकारियों से सक्रिय समन्वय, समय पर निर्देशों के प्रसार और सभी नियमों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि एजेंसी जिला प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर परीक्षा की सुचारू और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है।
बैठक में परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स, शिकायत निवारण तंत्र और परीक्षा दिशानिर्देशों के पालन पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए गए कि वे सभी हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर परीक्षा को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराएं।
कुल 222 प्रतिभागियों ने इस बैठक में हाइब्रिड मोड में भाग लिया। सभी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय संस्थानों के नोडल अधिकारी और देशभर के विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं निदेशक भी शामिल हुए। सभी ने परीक्षा को सफलतापूर्वक कराने और छात्रों को सुचारू अनुभव देने का आश्वासन दिया, गौरतलब है कि पिछले महीने आयोजित NEET परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद 21 जून को री-एग्जाम कराने की घोषणा की गई है।