Chandigarh: भारत के उत्तरी, मध्य और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में मौसम सामान्य से ज्यादा ठंडा हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पंजाब और हरियाणा में आने वाले दिनों में पारा लुढ़के का अनुमान जताया है। मौजूदा वक्त में कई इलाकों में सर्द मौसम के हालात बने हुए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदूषण से राहत मिलने को लेकर अनिश्चित बनी हुई है। जबकि कोहरे वाली परिस्थितियों में फसलों को बचाने में सावधानी बरतनी होगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सर्दी के इस सीजन में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में चार से पांच दिन और शीत लहर चलने की चेतावनी दी है, इन इलाकों में दिसंबर से फरवरी के दौरान आम तौर पर चार से छह दिन तक शीत लहर चलती है।
मौसम वैज्ञानिक सुरिंदर पॉल ने बताया कि “अभी तापमान में बड़ा अंतर आ गया है जैसे मिनिमन टेंपरेचर है उसमें करीब करीब चार डिग्री का अंतर आ गया है। और कोल्ड जैसी स्थिति पंजाब के वेस्टर्न पार्ट हैं फरीदकोट में कल तीन डिग्री गया था। इसी तरह हरियाणा के वेस्टर्न पार्ट हैं, सिरसा, हिसार वहां टेंपरेचर कम है।
अब ये स्थिति आगे और बनी रहेगी। जहां तक लंबी फोरकास्ट की बात है दिसंबर में हमने सर्दी की भी बात कही है। और मिनिमम टेंपरेचर भी कम होंगे आने वाले समय में हरियाणा और पंजाब में।”
“कोहरे की जो है कुछ एरिया में वेस्टर्न पार्ट ऑफ हरियाणा में इसके लिए थोड़ा हमें एग्रीकल्चर प्वाइंट ऑफ व्यू से सावधानी बरतनी है कि पानी देना है उसमें ताकि कोहरे से बचा जा सके। ये सब चीजों का ध्यान रखें स्टेबल वेदर है। कोई बड़ा चेंज नहीं है।
पॉल्यूशन तो देखिए हरियाणा में अभी कुछ एरियाज में मॉडरेट टू पुअर कैटेगरीज में है, तो पॉल्यूशन का बड़ा अंतर, फर्क तभी आता है, बेटर तभी होता है जब बारिश आती है, विंडी वेदर होता है, तो अभी तो ऐसा नहीं है, तो मुझे लगता है कि बीच-बीच में ये सिचुएशन अभी और रहेगी और जैसे ही कोई डिस्टर्बेंस रहेंगी, कोई टर्बुलेंस भी एयर में रहेगी तो उससे भी सुधार आयेगा।”