UCC: उत्तराखंड में UCC लागू हुए एक साल हुआ पूरा, सीएम धामी बोले- ऐतिहासिक कदम

UCC: उत्तराखंड में आज यूसीसी दिवस मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा राज्य सरकार ने प्रदेश की जनता से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का वादा किया था जिसे सरकार ने अपने संकल्प के अनुरूप पूरा किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित पहले देवभूमि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) दिवस समारोह में हिस्सा लिया। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया है। इस दौरान सीएम ने यूसीसी को सामाजिक न्याय समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद जब भी कभी देश में कहीं जाता था तो पूछा जाता था कि ये विचार कैसे आया। मैंने कहा कि देश की आजादी के बाद जो जो काम होने थे उनमें ये भी एक जरूरी काम है

सीएम धामी ने कहा कि “सभी प्रदेशवासियों को समान नागरिक संहिता दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। PM मोदी की प्रेरणा से शुरू हुई यह ऐतिहासिक पहल केवल एक कानून नहीं, बल्कि समानता, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता की एक सशक्त नींव है। समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य महिलाओं को उनके वैधानिक अधिकारों में पूर्ण समानता दिलाना है। यह व्यवस्था विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों में महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करते हुए उन्हें समान और न्यायसंगत अधिकार सुनिश्चित करती है। पिछले एक वर्ष में UCC के अंतर्गत विवाह पंजीकरण और नागरिक सेवाओं में उल्लेखनीय तेजी आई है। राज्य सरकार द्वारा 23 भाषाओं में सहायता और एआई-आधारित सपोर्ट की सुविधा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि हर नागरिक इस सकारात्मक परिवर्तन का लाभ उठा सके।

उन्होंने कहा कि यह कानून समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और न्याय का मजबूत आधार प्रदान करता है। इस कानून के लागू होने के बाद उत्तराखंड में बहु-विवाह और हलाला का एक भी मामला सामने न आना, इसकी प्रभावशीलता और सामाजिक विश्वास का सशक्त प्रमाण है। यह पहल बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के संवैधानिक मूल्यों, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी और पं. श्री दीनदयाल उपाध्याय जी के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने का सशक्त प्रयास है।

उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। आज राज्य में यूसीसी लागू होने का एक वर्ष पूर्ण हो चुका है। इसलिए राज्य भर में यूसीसी दिवस मनाने का फैसला लिया गया है। प्रदेश के सभी जनपदों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद एवं यूसीसी महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समानता और सभी नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से एक ऐतिहासिक व दूरगामी प्रभाव वाला कदम साबित हुआ है

 

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