Pauri: पौड़ी में पहली बार बजट से पूर्व संवाद कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किया गया। पौड़ी में आयोजित इस कार्यक्रम में काश्तकारों, युवा उद्यमियों, बुद्धिजीवियों और मंडल स्तरीय अधिकारियों ने भाग लेकर अपने सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों का उद्देश्य बजट की महत्ता को आमजन तक पहुँचाना है, ताकि सरकार का बजट केवल कागज़ों तक सीमित न रहकर जनहित में प्रभावी रूप से लागू हो सके।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ऐसा समावेशी बजट लाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे युवाओं, बुजुर्गों, किसानों और सभी वर्गों को लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पौड़ी में पहली बार इस तरह का आयोजन किया गया है और इससे प्राप्त सुझावों को आगामी बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर बेहतर ढंग से हो सके।
इसके साथ ही कहा कि आप लोगों से प्राप्त प्रत्येक सुझाव बजट को समावेशी तथा व्यावहारिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा। हमारा संकल्प है कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसा बजट पेश करें जो प्रभाव में व्यापक और परिणाम में ठोस हो। ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ यही हमारी कार्यशैली का मूल मंत्र है, और इन्हीं सिद्धांतों के अनुरूप आगामी बजट तैयार किया जा रहा है। यह बजट समाज के प्रत्येक वर्ग युवाओं, मातृशक्ति, किसानों, श्रमिकों, उद्यमियों और वंचित वर्गों को ध्यान में रखते हुए विकास के संतुलित दृष्टिकोण के साथ बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित काश्तकार डॉ सविता रावत ने संवाद की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल बेहद प्रेरणादायक है और इससे युवा किसानों को अपनी बात सीधे सरकार तक पहुँचाने का अवसर मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों व युवाओं द्वारा दिए गए सुझावों को सरकार गंभीरता से लेकर बजट में शामिल करेगी। संवाद कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने इसे जनभागीदारी आधारित बजट प्रक्रिया की सकारात्मक शुरुआत बताया।