New Year: नववर्ष के पहले दिन उत्तराखंड के प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला, साल 2026 की शुरुआत मां गिरिजा देवी के दर्शनों के साथ करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब मंदिर परिसर में उमड़ पड़ा। मंदिर के बाहर लगभग एक किलोमीटर तक भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं, जहां श्रद्धालु घंटों तक धैर्यपूर्वक मां के दर्शन का इंतजार करते नजर आए।
नए साल के अवसर पर गर्जिया देवी मंदिर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। तड़के सुबह से ही मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों का आना शुरू हो गया था। जयकारों और घंटियों की गूंज के बीच श्रद्धालु मां गिरिजा देवी की पूजा-अर्चना कर नववर्ष में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते दिखे।
देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामनगर स्थित गर्जिया देवी मंदिर पहुंचे। दिल्ली, आगरा, मथुरा, हरियाणा, मुंबई, कोलकाता सहित कई राज्यों से आए भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाया और नए साल की शुरुआत आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ की। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ पहुंचे, तो कई युवा मित्रों के साथ दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आए।
नववर्ष को देखते हुए मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार भीड़ प्रबंधन में जुटी रही, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कतारों को व्यवस्थित किया गया और समय-समय पर प्रशासन की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जाते रहे।
भक्तों का कहना है कि गर्जिया देवी मंदिर में दर्शन करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। नए साल के पहले दिन मां के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर वर्ष नए साल पर यहां आकर मां का आशीर्वाद लेते हैं।
कुल मिलाकर, नववर्ष के पहले दिन गर्जिया देवी मंदिर में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भक्तों की भारी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि मां गिरिजा देवी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था साल दर साल और मजबूत होती जा रही है।
मंदिर के मुख्य पुजारी मनोज पांडे ने बताया कि नववर्ष के पहले दिन गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उनके अनुसार, आज लगभग 40 हजार के आसपास भक्तों ने मां गर्जिया के दर्शन कर नए साल की शुरुआत की। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की। प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।