Haridwar: फाल्गुन मास… रंगों और मस्ती का महीना होता है देशभर में कहीं बरसाना की लठमार होली की धूम है तो कहीं मथुरा की फूलों की होली आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हर ओर रंग और उमंग का उत्सव दिखाई दे रहा है।इसी क्रम में धर्मनगरी हरिद्वार के जूना अखाड़ा में संतों ने अनोखे अंदाज़ में होली मनाई। यहां संतों ने पारंपरिक रंगों के साथ-साथ गाय के गोबर से होली खेलकर सनातन परंपरा, प्रकृति संरक्षण और आस्था का विशेष संदेश दिया।
हरिद्वार के जूना अखाड़ा स्थित माया देवी मंदिर प्रांगण में निरंजनी अखाड़ा और जूना अखाड़ा के संतों ने अनूठी गोबर होली खेली। संतों ने एक-दूसरे को रंग और गोबर लगाकर शुभकामनाएं दीं और भजन-कीर्तन के बीच उत्सव का आनंद लिया।वहीं अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि होली का पर्व संत समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है।
गोबर होली के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया जा रहा है कि हमें अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीना चाहिए।संत समाज ने देशवासियों से अपील की है कि वे होली का पर्व प्रेम, सौहार्द और मर्यादा के साथ मनाएं।