Haridwar: हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर विवाद तेज हो गया है, हरिद्वार की विश्व प्रसिद्ध हर की पौड़ी में अब इसे लेकर गंगा सभा हरिद्वार ने खुलकर कदम उठाया है। हर की पौड़ी क्षेत्र में “अहिंदुओं का प्रवेश निषेध” लिखे बोर्ड लगाए गए हैं। गंगा सभा का दावा है कि यह कदम क्षेत्र की धार्मिक मर्यादा और परंपराओं की रक्षा के लिए उठाया गया है।
हर की पौड़ी में लगाए गए इन बोर्डों के ज़रिये गंगा सभा ने साफ संदेश देने की कोशिश की है कि यह क्षेत्र धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है और यहां नियमों का पालन अनिवार्य है। गंगा सभा के सदस्यों का कहना है कि यह कोई नया फैसला नहीं, बल्कि पहले से लागू नियमों की जानकारी सार्वजनिक रूप से देने की पहल है।
गंगा सभा हरिद्वार के सदस्य उज्ज्वल पंडित ने कहा कि “इन बोर्डों को लगाने का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि यहां आने वाले लोगों को क्षेत्र की मर्यादा और नियमों की जानकारी रहे। नगर निकाय एक्ट में इसका प्रावधान है और इसका सख्ती से पालन होना चाहिए। जिन लोगों का हमारे धर्म, संस्कृति और रीति-रिवाजों से कोई संबंध नहीं है, उनका यहां कोई कार्य नहीं है। प्रशासन भी इस नियम को लागू कराने में हमारा सहयोग करेगा।”
हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित संबंधी पोस्टर लगने के बाद अब यह मामला शासन स्तर तक पहुंच गया है। इस मुद्दे पर प्रशासन की भी नजर है। हरिद्वार पहुंचे गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे से जब इन पोस्टरों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले नियमों की जांच की बात कही।
इसके साथ ही गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि “यह देखना होगा कि किस तरह के पोस्टर लगाए गए हैं और म्युनिसिपल बाय-लॉज में इस विषय को लेकर क्या प्रावधान है। सभी तथ्यों और नियमों को देखने के बाद ही इस पर कोई टिप्पणी की जा सकती है।” फिलहाल हर की पौड़ी में लगे इन बोर्डों को लेकर बहस तेज है। एक ओर गंगा सभा इसे धार्मिक परंपराओं से जोड़कर देख रही है, तो वहीं प्रशासन नियमों और कानूनी प्रावधानों की समीक्षा के बाद ही कोई फैसला लेने की बात कह रहा है।