Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में तीन दिनों के वसंतोत्सव-2026 की भव्य शुरुआत हो गई है। पहले ही दिन लोक भवन परिसर रंग-बिरंगे फूलों, पारंपरिक सजावट और पहाड़ी संस्कृति की छटा से सराबोर नजर आया। इस कार्यक्रम का मकसद पहाड़ी राज्य की समृद्ध संस्कृति और विरासत का जश्न मनाना है।
वसंतोत्सव-2026 में फूलों की अलग-अलग प्रजातियों के साथ प्रदेश के स्थानीय उत्पादों की आकर्षक झलक देखने को मिल रही है। खास आकर्षण रहा पहाड़ों के जंगलों में खिलने वाला पीले रंग का मनमोहक ‘फ्यूंली’ फूल, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
इसके साथ ही वसंतोत्सव-2026 में सुगंधित पौधों और जड़ी-बूटियों से तैयार प्राकृतिक तेल, इत्र और हर्बल उत्पादों की झलक भी देखने को मिल रही है। ये इलाके के उत्पादों की मजबूत बाजार संभावनाओं को उजागर कर रहे हैं।
फूलों के अलावा कार्यक्रम में लोहाघाट के लोहे के हस्तशिल्प और दूसरी उपयोगी सामग्री में कारीगरों के हुनर दिखा। वहीं पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों ने बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को अपनी ओर खींचा।
वसंतोत्सव-2026 में फूलों के शौकीनों से लेकर परिवारों, बच्चों और खाने-पीने और कला के शौकीनों का जमावड़ा दिख रहा है। ये इलाके की संस्कृति की शानदार झलक पेश कर रहा है।
लोगों ने कार्यक्रम के बेहतरीन आयोजन की तारीफ की। उनके मुताबिक यहां आम लोगों के साथ-साथ दिव्यांगों की सुविधाओं का भी खास ख्याल रखा गया है, वसंतोत्सव एक मार्च तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।