मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा की राजनीति में माफिया और जमीनों पर कब्जा करने वाले तत्वों को संरक्षण मिलता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी पार्टी को सत्ता में आने का अवसर मिला, गरीबों और व्यापारियों की संपत्तियों पर अवैध कब्जे की घटनाएं बढ़ीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब कानून का राज है और किसी की जमीन पर जबरन कब्जा करने की हिम्मत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी रविवार को बिछिया पुल के पास आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने 495 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया। साथ ही 880 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं के दूसरे चरण, सीवरेज योजना जोन-ए और समानांतर सर्विस रोड का शिलान्यास किया।
दीपावली से पहले गोरखपुर को मिली विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण के पूरा होने से गोरखपुर महानगर के 17 वार्डों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने रेलवे लाइन के उत्तरी हिस्से में रहने वाले लोगों को इस परियोजना के लिए बधाई दी।
उन्होंने बताया कि परियोजना का दूसरा चरण और इससे जुड़ी सीवरेज व्यवस्था शहर के बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाएगी। इसके पूरा होने से जल निकासी और सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत होगी।
सपा सरकार में माफिया के डर से लोगों ने खुद गिरा दी थीं अपनी हवेलियां
मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि करीब एक दशक पहले गोरखपुर में जाम, गंदगी, जलभराव और माफिया का दबदबा था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सपा सरकार के दौरान अपराधियों के डर से लोगों को अपनी संपत्ति तक बचाना मुश्किल हो गया था।
सीएम योगी ने बताया कि जेल बाईपास रोड पर एक प्रतिष्ठित परिवार ने माफिया के कब्जे के डर से अपनी दोनों हवेलियां रातोंरात खुद ही गिरा दी थीं, ताकि कम से कम उनकी जमीन बची रहे। इसी तरह आर्यनगर में भी एक प्रभावशाली माफिया ने एक प्रतिष्ठित परिवार की हवेली पर कब्जा करने की कोशिश की थी। उस समय सांसद रहते हुए वह स्वयं मौके पर पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। अब किसी गरीब, व्यापारी या सम्मानित नागरिक की संपत्ति पर कब्जा करने से पहले अपराधियों को कानून के परिणामों का अंदाजा रहता है।
अपराधियों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में असुरक्षा का माहौल था। महिलाओं और बेटियों के लिए स्कूल-कॉलेज जाना मुश्किल था, जबकि व्यापारी भी बिना डर के अपना कारोबार नहीं कर पाते थे। सुरक्षा की कमी के कारण निवेश प्रभावित होता था और शहरों की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी खराब थी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अब किसी की बेटी के साथ छेड़छाड़ करने या युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून तोड़ने वालों को उनके कृत्यों का परिणाम भुगतना पड़ेगा।
मकानों को नुकसान पहुंचाए बिना तैयार किया गया 7.75 किलोमीटर लंबा नाला
मुख्यमंत्री ने गोड़धोइया नाला परियोजना की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले गंदगी और जलभराव के कारण गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता था। इन समस्याओं से बच्चों और आम नागरिकों को भारी परेशानी होती थी।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए परियोजना में बदलाव किए गए। अवैध कब्जों को हटाने के साथ पहले से बने मकानों को नुकसान पहुंचाए बिना 7 किलोमीटर 750 मीटर लंबा और चौड़ा आरसीसी नाला बनाया गया। इसके दोनों तरफ सीवर लाइन बिछाई गई है। नाले के पानी को शोधन के बाद ही रामगढ़ ताल में पहुंचाया जाएगा, ताकि तालाब की स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाले के दोनों किनारों पर सड़क विकसित की जाएगी और पौधरोपण भी होगा। इसके अलावा धर्मशाला बाजार से सुमेर सागर की ओर जाने वाले नाले को भी पक्के आरसीसी ढांचे में बदलने के लिए नगर निगम को धनराशि स्वीकृत की गई है।
रेलवे कॉलोनी से राप्तीनगर तक 17 वार्डों को मिलेगा फायदा
सीएम योगी ने बताया कि परियोजना के पहले चरण में करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें आरसीसी नाले के साथ 17.5 किलोमीटर लंबी इंटरसेप्टिंग ट्रंक सीवर लाइन, 38 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 61 एमएलडी का मुख्य पंपिंग स्टेशन और 14 ब्रिज कल्वर्ट का निर्माण शामिल है।
दूसरे चरण में करीब 794 करोड़ रुपये की लागत से 17 वार्डों के कैचमेंट एरिया में 342 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ 45 हजार सीवर कनेक्शन और 27 एमएलडी तथा 37.5 एमएलडी क्षमता के दो इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
इससे रेलवे कॉलोनी बिछिया, शाहपुर, सेमरा, बशारतपुर, राप्तीनगर और रामजानकी नगर समेत गोरखपुर के उत्तरी इलाकों में रहने वाले करीब ढाई से तीन लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
अब रोजगार के लिए गोरखपुर आ रहे हैं दूसरे शहरों के लोग
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले रामगढ़ ताल क्षेत्र की ओर लोग जाना पसंद नहीं करते थे। अब यह इलाका शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो गया है। उन्होंने सांसद रवि किशन का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई से आकर उन्होंने भी रामगढ़ ताल के किनारे अपना ठिकाना बनाया है।
सीएम योगी ने कहा कि पहले गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवा रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर जाते थे, लेकिन अब बेहतर सुरक्षा, स्वच्छता और औद्योगिक विकास के कारण दूसरे क्षेत्रों के लोग भी यहां रोजगार के अवसर तलाशने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर में फोरलेन सड़कों का नेटवर्क विकसित हुआ है। यहां फर्टिलाइजर कारखाना, एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, चार विश्वविद्यालय, सैनिक स्कूल, आयुष विश्वविद्यालय और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने गीडा को निवेश के लिए उभरता हुआ केंद्र बताते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में वहां 50 हजार युवाओं को नौकरी और रोजगार मिला है। क्षेत्र में नई चीनी मिल, डिस्टिलरी, डेयरी, इथेनॉल प्लांट, स्टील प्लांट और सीमेंट फैक्ट्री जैसे उद्योग भी स्थापित हो रहे हैं।
दीपावली पर शहीदों के सम्मान में एक दीप जलाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली और छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहार के अवसर पर देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों और सीमाओं की रक्षा कर रहे सैनिकों के सम्मान में प्रत्येक घर में एक दीप अवश्य जलाया जाए।
उन्होंने कहा कि आज देशवासी जिस सुरक्षित माहौल में त्योहार मना रहे हैं, उसके पीछे स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों का बड़ा योगदान है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय कुम्हारों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन देने के लिए मिट्टी के दीये और स्वदेशी सामान खरीदने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल की भावना से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों की आजीविका मजबूत होगी।
बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगा विशेष मुआवजा पैकेज
किसानों की समस्याओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने हाल में चक्रवात के कारण हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को राहत देने के लिए सरकार विशेष मुआवजा पैकेज उपलब्ध कराएगी।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार गरीब परिवारों को आवास, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और आयुष्मान भारत के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा दे रही है। वहीं, युवा स्टार्टअप के जरिए रोजगार पाने वालों के साथ-साथ रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन रहे हैं।
अत्याधुनिक टर्बो ब्लोअर से हर साल बचेगी नौ लाख यूनिट बिजली
कार्यक्रम के दौरान गोड़धोइया नाला परियोजना और शहर में हुए विकास कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। इसमें बताया गया कि अमृत योजना के तहत 262 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और 50 हजार से अधिक घरेलू कनेक्शन दिए गए हैं। अमृत-2 के तहत करीब सवा दो लाख लोगों के लिए पेयजल संबंधी कार्य शुरू किए गए हैं।
फिल्म के अनुसार, गोड़धोइया नाला स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में आधुनिक टर्बो ब्लोअर लगाए गए हैं, जिनसे सालाना करीब नौ लाख यूनिट बिजली की बचत होगी। नाले के जरिए प्रति सेकंड 42 हजार लीटर वर्षा जल की निकासी की व्यवस्था भी की गई है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, महेंद्र पाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, प्रदीप शुक्ला और श्रवण निषाद मौजूद रहे।
इसके अलावा महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्त और पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्त सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।