Ram Mandir: ओडिशा के राउरकेला में निर्मित 286 किलोग्राम का स्वर्ण धनुष अयोध्या के राम मंदिर पहुंच गया है। भगवान राम का यह पवित्र धनुष (कोदंडा) पंचधातु से बना है। इसे राउरकेला से सड़क मार्ग से लाया गया और रास्ते में पड़ने वाले कई कस्बों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसका स्वागत किया।
सोने, चांदी, तांबे, जस्ता और लोहे से निर्मित इस कोदंडा को तमिलनाडु के कांचीपुरम की महिला कारीगरों ने बनाया है।
पंचधातु से बना यह कोदंड-
यह शोभायात्रा ओडिशा के सभी 30 जिलों से होकर गुजरी। 19 जनवरी को पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन-पूजन के बाद आगे बढ़ी। 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा की तिथि के पावन संयोग पर यह कोदंड अयोध्या पहुंचा। यहां रामलला को समर्पित किया गया। पंचधातु से बने इस कोदंड में सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और लोहे का प्रयोग हुआ है।
48 महिला कारीगर-
तमिलनाडु के कांचीपुरम की 48 महिला कारीगरों ने आठ महीने की मेहनत से इसे तैयार किया है। लगभग आठ फीट लंबे इस कोदंड पर ऑपरेशन सिंदूर की सैन्य वीरता और कारगिल युद्ध शहीदों के नाम अंकित हैं। इसकी अनुमानित लागत करीब सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है।