Lucknow: यूपी के ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में पीएम सूर्य घर योजना नई उम्मीद बनकर उभरी है। किसानों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों को इससे बड़ी आर्थिक राहत मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस योजना को तेजी से आगे बढ़ाते हुए देश में शीर्ष प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “प्रधानमंत्री ने देश के सामने एक लक्ष्य रखा- 2070 तक हमें भारत को जीरो नेट के लक्ष्य को, कार्बन उत्सर्जन जीरो तक पहुंचाने के बड़े लक्ष्य को प्राप्त करना है और इसकी शुरुआत अलग-अलग फ़ेजेस में हो रही है। इसमें उत्तर प्रदेश के अंदर 22000 मेगावाट के सोलर एनर्जी के उत्पादन के बड़े लक्ष्य को हमने अपने सामने रखा है।”
पहले गांवों में शाम होते ही अंधेरा और बढ़ते बिल लोगों की मजबूरी थे। आज 2,75,936 घरों पर रूफटॉप सोलर लग चुके हैं। लक्ष्य सिर्फ बिजली देना नहीं, बल्कि हर घर में रोशनी और समृद्धि पहुंचाना है।
किसानों को इस योजना का सबसे बड़ा लाभ मिला है। अब वे खुद बिजली बनाकर समय पर सिंचाई कर रहे हैं और खर्च भी घटा है। छोटे व्यवसायी- जैसे वेल्डिंग, आटा चक्की, किराना, नाई..अब बिजली कटौती से परेशान नहीं होते हैं। गरीब और मध्यम वर्ग के बिल लगभग शून्य होने से मासिक खर्च में 15 से 20 फीसदी की कमी आई है।
प्रदेश में 976.21 मेगावॉट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित है। 31 अक्टूबर तक ₹1,808 करोड़ सब्सिडी दी जा चुकी है, जिससे स्थापना में तेजी आई है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और बरेली जैसे शहर इस योजना के तहत सबसे बड़े लाभार्थी हैं, जहां 8,000 से अधिक यूनिट लग चुकी हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना में बेहतर प्रदर्शन कर उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा अपनाने के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक उल्लेखनीय मॉडल के रूप में स्थापित हुआ है।