kakori kand: शाहजहांपुर में सड़क निर्माण कार्य के दौरान कथित तौर पर बुलडोजर से ‘काकोरी ट्रेन कांड’ के शहीदों की प्रतिमाओं को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे भारी आक्रोश फैल गया।
समाजवादी पार्टी (एसपी) सहित विपक्षी दलों ने मंगलवार को इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
नगर निगम कार्यालय के बाहर सड़क किनारे स्वतंत्रता सेनानियों राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और ठाकुर रोशन सिंह की प्रतिमाएं स्थापित थीं, जिन पर जनप्रतिनिधि नियमित रूप से माल्यार्पण करते थे।
आरोप है कि रविवार रात इन्हें गिरा दिया गया।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रतिमाओं को तोड़े जाने और उसके मलबे को कथित तौर पर कचरे में फेंकने का दृश्य देखा जा सकता है। इस वीडियो पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य में लगे एक ठेकेदार द्वारा यह कार्रवाई की गई। प्रतिमाओं को हटाने के बाद उनके अवशेष कथित रूप से कचरा निस्तारण स्थल पर डाले गए और स्थल पर लगी पट्टिकाएं भी बुलडोजर से हटा दी गईं।
शाहजहांपुर के डीएम ने कहा, “ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन मूर्तियों को बिना हमें सूचित किए अनादरपूर्वक हटा दिया गया। मैंने मूर्ति हटाने के लिए जिम्मेदार फर्म को बर्खास्त करने और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया है।”
स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्ला खान और रोशन सिंह को अगस्त 1925 में लखनऊ के काकोरी के पास सरकारी धन ले जा रही एक ट्रेन को लूटने के आरोप में अंग्रेजों ने 19 दिसंबर 1927 को फांसी दे दी थी।