भारत को मिली राफेल की रफ्तार

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फ्रांस से लाए गए 5 लड़ाकू विमान राफेल आज एयरफोर्स को औपचारिक रूप से सौंपे गये। अंबाला एयरबेस पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में राफेल को वायुसेना के बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की गयी। इस समारोह में फ्रांस की रक्षा मंत्री भी शिरकत की।

ये विमान वायु सेना के 17 वें स्क्वाड्रन, “गोल्डन एरो” का हिस्सा बनाए जाएगें। पांच राफेल विमानों का पहला जत्था 27 जुलाई को फ्रांस से अंबाला के वायुसैनिक अड्डे पर पहुंचा था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे।

इस मोके पर राजनाथ सिंह ने सीमा तनाव से अवगत कराते हुए कहा कि आप हमारे उत्तरी सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों से भली-भांति अवगत हैं। ऐसे में अपनी राष्ट्र की सुरक्षा के लिए हमें और अधिक मुस्तैदी से तैयार रहना होगा। हमारी चौकसी ही हमारी सुरक्षा का सबसे पहला उपाय है। रक्षामंत्री ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने फॉर्वर्ड बेसेज पर जिस तेजी से अपने एसेट्स तैनात किए, वह एक भरोसा पैदा करता है, कि हमारी वायुसेना अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत की जिम्मेदारी उसकी क्षेत्रीय सीमा तक सीमित नहीं है; हम हिंद-प्रशांत, हिंद महासागर क्षेत्र में शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं।

राफेल की भारतीय वायुसेना के बेड़े में एंट्री पूरी प्रक्रिया के साथ की गयी। सबसे पहले सर्वधर्म पूजा हुई,  जिसके बाद फ्लाईपास्ट किया गया। इस दौरान तेजस, सुखोई समेत कई अन्य वायुसेना के विमानों ने एयर शो में हिस्सा लिया और अंच में वाटर कैनेन सैल्यूट के साथ राफेल लड़ाकू विमान को सलामी दी गई। वायुसेना में जब भी कोई नया लड़ाकू विमान शामिल होता है, तो इसी प्रक्रिया का पालन किया गया है।

राफेल की विषेशता

राफेल लड़ाकू विमान का कॉम्बैट रेडियस 3700 किलोमीटर है, साथ ही ये दो इंजन वाला विमान है। राफेल में 3 तरह की मिसाइल लगाई जा सकती हैं। चीन के साथ लद्दाख में जारी तनाव के बीच राफेल वायुसेना में आया है, जिसका एक फायदा ये भी है कि राफेल ओमनी रोल लड़ाकू विमान है। यह पहाड़ों पर कम जगह में उतर सकता है। इसे समुद्र में चलते हुए युद्धपोत पर उतार सकते हैं, जिसको भारतीय वायुसेना को दरकार थी।

भारत को कुल 36 राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से मिलने हैं, जिसकी ये पहली किस्त है। अगले महीने पांच और राफेल विमान आ सकते हैं, जबकि सितंबर 2022 तक सभी 36 विमान भारत पहुंचेंगे। भारत सरकार ने फ्रांस सरकार के साथ गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट समझौता किया था जिसमें भारत को करीब 36 विमान दसॉल्ट एविएशन कंपनी से मिलने हैं।

 

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