AI Summit: रोबोटिक म्यूल का पूरा नाम मल्टी-यूटिलिटी लेग इक्विपमेंट है। इसका इस्तेमाल भारतीय सशस्त्र बल अलग-अलग जगहों और हालात में करते हैं। इस रोबोटिक म्यूल को दिल्ली के एक स्टार्टअप ने बनाया है। ये हथियार, कैमरे, रडार और दूसरे उपकरण ले जा सकता है।
रोबोटिक म्यूल को नई दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट में दिखाया गया। एईआरओएआरसी कम्यूनिकेशन के वाइस प्रेसिडेंट समीर टंडन ने बताया कि “इस उपकरण को रोबोटिक म्यूल कहा जाता है। म्यूल का अर्थ है मल्टी-यूटिलिटी लेग इक्विपमेंट। ये रोबोटिक म्यूल भारतीय सशस्त्र बलों की सेवा में है और उनके लिए एक बल गुणक के रूप में काम कर रहा है। ये रोबोटिक म्यूल 12 किलोग्राम तक का भार ले जाने में सक्षम है। इस पर अलग-अलग तरह के भार रखे जा सकते हैं।
“इसे उन दूरदराज की जगहों पर भेजा जा सकता है, जहां जवान नहीं जा सकते, या ऐसीृे हालात में भी जहां जवान भेजना उचित नहीं है। ये लक्ष्य की पहचान कर सकता है, उस पर निशाना साध सकता है और उसे नष्ट कर सकता है। साथ ही ये सफलतापूर्वक अपनी मूल जगह लौटने में भी सक्षम है। अगर हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बात करें, तो इसमें लक्ष्य की पहचान करने, उस पर निशाना साधने और उसे नष्ट करने की क्षमता है। ये पूरी तरह से एआई मॉडल पर काम करता है।”
अभी इसमें एक हथियार स्टेशन लगा हुआ है। इसी प्रकार, इस पर सीबीआरएन उपकरण, कई प्रकार के रडार और कैमरे भी लगाए जा सकते हैं। इसे एक ही जीसीएस की मदद से संचालित किया जा सकता है। आप म्यूल को चलाने के साथ-साथ भार का प्रबंधन भी कर सकते हैं।” रोबोटिक म्यूल विकसित करने वालों के मुताबिक ये कई तरह के काम कर सकता है। इनमें कुछ खतरनाक काम भी हैं, जिससे सुरक्षा कर्मचारियों का जोखिम कम हो जाता है।
ऐसे कामों में खुफिया जानकारी जुटाना, निगरानी करना, जासूसी करना और विस्फोटक सामग्री को नष्ट करना शामिल है। ये साहसी मशीन अपने सेंसर और हथियारों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए ड्यूटी निभाता है। जब म्यूल कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल कर किसी दुश्मन पर हमला करता है, तब इसकी सटीक निशानेबाजी देखने के काबिल होती है।
बेशक रोबोटिक म्यूल जिंदा प्राणी न हो, लेकिन इसके काम से निश्चित रूप से उन लोगों की कार्यक्षमता बढ़ती है, जो इस बुद्धिमान मशीन का कहीं भी और कभी भी इस्तेमाल करते हैं।