जानिए क्यों मनाई जाती है इगास?

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उत्तराखण्ड में सदियों से चली आ रही इगास-बग्वाल की परम्परा उत्तराखण्ड वासियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। दीपावली के ठीक 11 दिन बाद गढ़वाल में एक और दीपावली मनाई जाती है, जिसे इगास कहा जाता है। दीपावली से 11 दिन बाद आने वाली एकादशी को इगास मनाई जाती है। इस पर्व के दिन सुबह पकवान बनाये जाते हैं जबकि रात में स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के बाद भैला जलाकर उसे घुमाया जाता है।

पौराणिक मान्यता के अनुसार यह माना जाता है कि जब भगवान राम 14 वर्ष बाद लंका विजय कर अयोध्या पहुंचे थे तब लोगों ने दिये जलाकर उनका स्वागत किया और दीपावली के त्योहार के रूप में मनाया। लेकिन कहा जाता है कि गढ़वाल क्षेत्र के लोगों को इसकी जानकारी 11 दिन बाद मिली और उन्होने 11 दिन बाद दीवाली मनाई थी।

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