पिथौरागढ़: बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर लगी रोक

0
172

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में वन विभाग ने बुग्यालों को संरक्षित करने की शुरुआत की है। प्रथम चरण में मुनस्यारी जिले में स्थित खलिया बुग्याल (3500 मीटर) को संरक्षित करने का कार्य शुरू किया गया है। जिसके चलते बुग्यालों में रात्रि विश्राम, टेंट लगाने, कैंप फायर पर रोक लगा दी गयी है।

DFO के अनुसार अब बुग्यालों में रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं मिलेगी। यहां एक दिन में केवल 200 लोग ही बुग्यालों में जा सकेंगे और इसके लिए भी उन्हें वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। और  इसके साथ ही अन्य बुग्यालों की जानकारी जुटाने का कार्य भी शुरू किया गया है।

वन विभाग द्वारा इन बुग्यालों में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने का कारण यह है कि इनकी खूबसूरती को आने वाले समय के लिए भी सरंक्षित रखा जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि बुग्यालों में मिट्टी की कमी रहती है। टेंट लगाने के लिए की जाने वाली खुदाई के कारण बुग्यालों से मिट्टी बह जाती है। बुग्यालों में मिट्टी बनने में सैकड़ों साल लग जाते हैं। इसलिए बुग्यालों में खुदाई करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है

साथ ही बता दें कि धारचूला जिले के मुनस्यारी विकासखंड में 50 से अधिक बुग्याल हैं। ये बुग्याल सर्दियों में बर्फ से ढके रहते हैं इन बुग्यालों यहीं खूबसूरती देश-विदेश के सैलानियों को अपनी ओर खींचती है और वे टेंट लगाकर इन बुग्यालों में रुकना पसंद करते हैं।

Spread the love

LEAVE A REPLY