बोन टेस्ट पास के बगैर अब क्रिकेट में चयन नहीं

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Cricket genericThinkstock squiz
क्रिकेट में उम्र को लेकर कई तरीके से फर्जीवाड़ा किया जाता है , जिससे खेलने वाले खिलाड़ी को सही समय पर खेलने का मौका नहीं मिल पाता है जिसको लेकर बीसीसीआई ने पिछले साल से उम्र की सही जानकारी के लिए नये नियम बनाये है जिसको पास करने के बाद ही खिलाड़ी का स्लेक्शन टीम में किया जायेगा  ।उम्र को लेकर  क्रिकेट मे कई तरीके से  फर्जीवाड़ा देखने को मिलता है जिसे रोकने के  लिए बीसीसीआई द्वारा नये नियम बना दिये गये है जिसको पास करना खिलाड़ियों के लिए जरूरी हो गया है , आपको बता दे की खिलाड़ियों के उम्र का फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद बीते साल बीसीसीआई कई खिलाड़ियों को प्रतिबन्धित कर चुकी है , जिसमे उत्तराखंड के भी कई खिलाड़ी शामिल है ,, वहीं अंडर 14, 16 आयु वर्ग के खिलाड़ियों की उम्र का पता लगाने के लिए बोन टेस्ट किया जा रहा है , जिसमे खिलाड़ियों का मेडिकल उम्र का सही आकलन किया जा रहा है , जिससे खिलाड़ी भी काफी खुश दिखाई दे रहे है ।उत्तराखंड अंडर 14  बालक टीम के चयन से पहले फाइनल ट्रायल में चुने गये खिलाड़ियों  का मेडिकल कराकर उम्र का सही आकलन करने पर खिलाडियों के परिजन भी खुश है उनकी माने तो बीसीसीआई की यह  सही पहल है और उम्र के चयन करने मे भी पारदर्शीता आयेगी। वहीं डॉक्टर  की माने तो बॉन टेस्ट से उम्र का सही आकलन किया जा सकता है उनकी माने तो अगर किसी की बॉडी का  एपिफ़ीसिस खत्म हो गया हो तो उसके उम्र का पता लग जाता है । आपको यह भी बता दे की  यह एपिफ़ीसिस बॉडी के सबसे बड़े बॉन का अखिरी हिस्सा होता है.बीसीसीआई द्वारा उम्र के फर्जीवाड़ा को रोकने ओर खिलाड़ीयों के चयन मे पारदर्शिता लाने के लिए बॉन टेस्ट किया जा रहा है लेकिन देखना यह होगा की इस चयन प्रक्रिया मे कितनी पारदर्शिता देखने को मिलती है।
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