Chess Game: भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञाननंदा को कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में कड़ी चुनौती का सामना करना होगा

Chess Game: आठ खिलाड़ियों की एलीट प्रतियोगिता के ओपन वर्ग में भाग ले रहे एकमात्र भारतीय खिलाड़ी ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञाननंदा को रविवार से यहां शुरू होने वाले कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

इस टूर्नामेंट का विजेता खिलाड़ी इस साल के आखिर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश का सामना करेगा। इस टूर्नामेंट में आठ खिलाड़ी भाग ले रहे हैं जो डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप में प्रतिस्पर्धा करेंगे। हर एक खिलाड़ी दूसरे सभी प्रतिभागियों का दो बार सामना करेगा और सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी विश्व चैंपियन बनने के लिए गुकेश को चुनौती देने का अधिकार हासिल करेगा।

हाल के प्रदर्शन को देखते हुए अमेरिकी ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना प्रबल दावेदार नजर आते हैं लेकिन उनके हमवतन हिकारू नाकामुरा का दावा भी मजबूत है जिन्होंने अपनी रेटिंग के आधार पर क्वालीफाई किया है। नीदरलैंड्स के ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी भी अच्छी फॉर्म में हैं और उन पर नजर रखने की जरूरत है। अगर उनकी लय कायम रहती है, तो वे मजबूत दावेदार साबित होंगे।

चीन के वेई यी, उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव और एंड्री एसेपेंको और मैथियास ब्लूबाउम अन्य चार खिलाड़ी हैं जो इस टूर्नामेंट में भाग ले रहे हैं। प्रज्ञाननंदा के लिए कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की तैयारी पूरी तरह से आसान नहीं रही है। हालांकि लंबे और सुनियोजित अवकाश के बाद ये भारतीय खिलाड़ी तरोताजा महसूस कर रहा होगा।

फरवरी में टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट के बाद से इस युवा ग्रैंडमास्टर ने कोई भी टूर्नामेंट नहीं खेला है और इसके बजाय उन्होंने अपनी टीम के साथ इस प्रतियोगिता की तैयारी की। कैंडिडेट्स के लिए क्वालीफाई करने के बाद प्रज्ञाननंदा की फॉर्म में गिरावट देखी गई, जो इस साल की शुरुआत में टाटा स्टील मास्टर्स में भी जारी रही।

भारतीय खिलाड़ी को अगर विश्व चैंपियनशिप में दो भारतीयों के बीच मुकाबला तय करना है तो उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। इस प्रतियोगिता के अप्रत्याशित दावेदार सबसे युवा प्रतिभागी सिंदारोव हैं, जिन्होंने पिछले साल गोवा में शतरंज विश्व कप जीतकर सबको चौंका दिया था।

महिला वर्ग में चीन की पूर्व महिला विश्व चैंपियन टैन झोंगयी मजबूत दावेदार हैं लेकिन उनके लिए भी चुनौती आसान नहीं होगी। सुरक्षा कारणों से दो बार की विश्व रैपिड चैंपियन कोनेरू हम्पी के नाम वापस लेने के बाद पिछले साल की नॉर्वे शतरंज की विजेता अन्ना मुजिचुक ने भारतीय खिलाड़ी का स्थान लिया है।

भारतीय खिलाड़ियों में सबकी निगाहें दिव्या देशमुख पर होंगी, जिन्होंने 2025 में महिला विश्व कप जीता था। आर. वैशाली इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी हैं। वे साहसिक फैसले करने के लिए जानी जाती हैं और उनका एकमात्र लक्ष्य जीत हासिल करना होता है। ऐसे में उनकी दावेदारी को कम करके नहीं आंका जा सकता है। झू जिनर भी एक ऐसी खिलाड़ी हैं जिन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को भी कड़ी चुनौती देने के लिए जानी जाती हैं।

बिबिसारा असाउबायेवा ने भी खुद को एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्थापित किया है। रूस की कैटेरीना लाग्नी और एलेक्जेंड्रा गोरियाचकिना के पिछले प्रदर्शन को देखा जाए तो दोनों इस प्रतियोगिता को जीतने में सक्षम हैं। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञाननंदा को कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में कड़ी चुनौती का सामना करना होगाइस प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि 10 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग नौ करोड़ 49 लाख रुपये) है, जिसमें से सात लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग छह करोड़ 65 लाख रुपये) ओपन वर्ग के लिए और तीन लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग दो करोड़ 85 लाख रुपये) महिला वर्ग के लिए हैं।

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