जानिए गुड़हल के फूल के फायदे व औषधीय गुण…

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गुड़हल के फूल का इस्तेमाल आपने अधिकांशत पूजा-पाठ जैसे कार्यों में देखा होगा। लेकिन गुड़हल के फूलों का सेवन भी किया जाता है। और साथ ही बहुत से रोगों के इलाज में भी गुड़हल के फायदे मिलते है। आयुर्वेद में गुड़हल के फूल को उत्तम औषधी बताया गया है।

बालों को बढ़ाने में गुड़हल के फायदे-

  • गुड़हल के पत्तों को पीस कर इसका पेस्ट बनाकर इसे बालों में लगा दें और दो घंटे रखने के बाद बालों को धोकर साफ कर लें। इस प्रयोग को नियमित रुप से प्रयोग करने से बालों को पोषण मिलता है और साथ ही सर भी ठंडा रहाता है।
  • गुड़हल के ताजे फूलों का रस बराबर मात्रा में जयतून के तेल में मिलाकर आग में पका लें। जब वह पक कर केवल तेल रह जाए तो इसे शीशी में भरकर रोज बालों की जड़ो तक लगाने से बाल चमकीले और लम्बे होते है।
  • गुड़हल के फूल व भृंगराज के फूल को भेड़ के दूध में पीसकर लोहे के बरतन में रख लें। और सात दिन बाद निकालकर भृंगराज के पंचाग के रस में मिलाकर बाल धोने से बाल काले होते हैं।
  • और यदि आप बालों के रुखेपन से परेशान है तो गुड़हल के फूल के रस में बराबर मात्रा में तिल का तेल उबालकर रख लें। और जब यह अच्छी तरह से तेल उबल जाए और तेल बाकी रह जाए तो इसे छानकर एक शीशी में भर कर रख लें। इस तेल को लगाने से आपके बालों का रुखापन व डेन्ड्रफ खत्म हो जाएगा।
  • साथ ही गाय के मूत्र में गुड़हल का फूल पिसकर मिलाने से बाल बढ़ते हैं और साथ ही गंजापन भी दूर होता है।

नींद ना आने की परेशानी में गुड़हल के लाभ-

गुड़हल के 100 फूल व हरे डंठल को तोड़कर इसकी पंखुड़ियों को नींबू के रस में भिगो लें। और इसे कांच के बर्तन में रात को किसी खुले स्थान पर रख दें। सुबह इसे मसलकर छान लें। इसमें 650 ग्राम मिश्री या चीनीए तथा 1 बोतल उत्तम गुलाब जल मिला लें। इसे दो बोतलों में बंद कर धूप में दो दिन तक रखें। इसके दौरान बोतल को हिलाते रहें। मिश्री अच्छी तरह घुल जाने पर शरबत बन जाता है। इसे 15 से 40 मिली की मात्रा में पीते रहने से नींद न आने की परेशानी में लाभ होता है।

याददाशत बढ़ाने में  गुड़हल के फूल के फायदे-

गुड़हल के फूल व पत्तों को बराबर मात्रा में सुखाकर व पीसकर इसका पाउडर बनाकर शीशी में रख लें। और फिर ये आपको एक कप मीठे दूध में एक चम्मच सुबह व एक चम्मच शाम दूध में मिलाकर पीने से ये आपकी स्मरण शक्ति को बढ़ाएगा।

मुह के छालों के इलाज में गुड़हल के फूल का योगदान-

गुड़हल के फूल की जड़ को धोकर साफ कर के रख लें और फिर उस जड़ को एक-एक इंच के टुकड़ो में काट के रख लें। दिन में तीन से चार बार एक-एक टूकड़ा चबाकर थूकते जाएं ऐसा करने से आपके छाले एक से दो दिनों में ठीक हो जाेगें।

खासीं जुकाम में गुडहल से फायदे-

  • खांसी और जुकाम के इलाज के लिए 15 मिली गुड़हल की जड़ का रस निकाल लें। इसे दिन में 4 बार सेवन करें। इससे खांसी तथा जुकाम में लाभ मिलता है।
    गुड़हल ;हनतींसद्ध की जड़ का काढ़ा बनाएं। इसे 10.30 मिली की मात्रा में शहद मिलाकर पीने से खांसी में लाभ होता है।
    गुड़हल के फूल के काढ़ा का सेवन करने से कफ निकलता है। इससे कफज.विकार ठीक होता है।

ह्रदय संबंधित रोगों में अड़हुल के सेवन से लाभ-

ह्रदय रोगों को ठीक करने के लिए गुड़हल,तीनस सिवूमतद्ध के 100 फूल लें। इसे शीशे की बरनी में डाल लें। इसमें 20 नींबू निचोड़ कर रात भर रखें। सुबह मसलकर कपड़े से छानकर रस निकाल लें। रस में 800 ग्राम मिश्रीए 200 ग्राम गुले गाजबान का अर्कए 200 मिली मीठे अनार का रसए तथा 200 मिली संतरे का रस मिलाकर धीमी आग पर पकाएं। जब चासनी गाढ़ा हो जाए तो उतार लें। इसमें 250 मिग्रा कस्तूरी अम्बर 3 ग्राम केसर तथा गुलाब अर्क को अच्छी तरह मिलाएं। यह शरबत हृदय तथा मस्तिष्क को शांति देता है।

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