Chandigarh: चंडीगढ़ के कलाग्राम में आयोजित 15वें राष्ट्रीय शिल्प मेला हर तरह के नायाब हस्तशिल्प को पेश कर रहा है, इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो कला और संस्कृति के इस जीवंत उत्सव में डूबने के लिए उत्सुक हैं।
देश भर के कारीगरों और व्यापारियों ने हस्तनिर्मित उत्पादों और कला कृतियों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल लगाए हैं, जिन्हें आने वाले उत्साहपूर्वक देख रहे हैं और खरीदारी करके घर ले जा रहे हैं।
इसके अलावा लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से प्रदर्शनी का वातावरण बेहद उत्साहजनक और खुशनुमा बना हुआ है। पिछले कुछ सालों में ये मेला क्षेत्र के सबसे सुंदर सालाना आयोजनों में से एक बन गया है, जो अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोगों को आकर्षित करता है।
ये प्रदर्शनियां सभी आयु वर्ग के लोगों को आकर्षित कर रही हैं और खरीदारी से कहीं आगे बढ़कर बेहतरीन सांस्कृतिक अनुभव का आनंद दे रही हैं, पुरानी वस्तुओं का प्रदर्शन यहां के प्रमुख आकर्षणों में से एक है, जो लोगों को बीते हुए कल की अद्भुत झलक दिखा रही है।
प्रदर्शनी देखने के लिए आने वाले लोगों ने भीड़ प्रबंधन की प्रशंसा की और बताया कि मेला साल दर साल उनकी उम्मीदों से कहीं कहीं ज्यादा बेहतर नजर आ रहा है।
राष्ट्रीय शिल्प मेला सालों से चंडीगढ़ के सांस्कृतिक कैलेंडर का अभिन्न हिस्सा है, जो हजारों कला और संस्कृति प्रेमियों को आकर्षित करता है, ये आयोजन 28 नवंबर से शुरू हुआ और सात दिसंबर तक चलेगा।
प्रदर्शक विभोर शर्मा ने कहा कि “यह एक कला प्रदर्शनी है जिसका नाम है ‘ए कॉल फ्रॉम द पास्ट’। और ये जो आज की जेनरेशन है, यंग जेनरेशन है। उनको ये बताने के लिए कि जो उनके फॉदर हैं, ग्रैंडफॉदर हैं, वो किस तरह से हुआ करते थे। क्या चीजें वो यूज किया करते थे। ये जो चीजें हैं, वो कितनी जरूरी थीं उनके लिए। इसलिए ये प्रदर्शनी आयोजित की गई।”
इसके साथ ही विजिटर पूजा ने बताया कि “यह बहुत अच्छी तरह से मैनेज है। आज संडे है, सनी डे है लेकिन उसके बावजूद क्राउड और पार्किंग कितनी अच्छी तरह से मैनेज है। यहां का जो भी सामान हमने लिया है, उसकी क्वालिटी बेहद शानदार है। हर साल हम कुछ न कुछ नया खरीदते हैं।”