Kerala Story 2: केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने ‘द केरल स्टोरी 2’ को “नफरत फैलाने वाली फिल्म” करार दिया और कहा कि इसके सीक्वल की रिलीज को “अत्यंत गंभीरता” से देखा जाना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पिनाराई विजयन ने कहा कि पहले भाग में कथित सांप्रदायिक एजेंडा और सरासर झूठ को भांपते हुए, केरल एक बार फिर हमारे धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बदनाम करने के इस प्रयास को स्वीकार नहीं करेगा।”
उन्होंने एक्स पर लिखा, “यह चौंकाने वाला है कि सांप्रदायिक द्वेष भड़काने के उद्देश्य से गढ़ी गई कहानियों को खुली छूट मिल जाती है, जबकि कला की आलोचनात्मक अभिव्यक्ति को दबा दिया जाता है। हमें अपने सद्भाव के देश को आतंक का अड्डा बताने के इन प्रयासों के खिलाफ एकजुट होना होगा। सत्य की हमेशा जीत होगी।”
बीजेपी नेता शोभा सुरेंद्रन ने कहा कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन फिल्म के शीर्षक पर सवाल नहीं उठाया जा सकता क्योंकि हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं कर सकते।” एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शोभा सुरेंद्रन ने कहा कि कुछ महिलाएं गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हो चुकी हैं, और कुछ ऐसी भी हैं जिन्हें मीडिया द्वारा सामने लाया जाना चाहिए।
उन्होंने ये भी कहा कि आरएसएस और बीजेपी की आलोचना करने वाली कई फिल्में हैं, लेकिन हम उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं। मुख्यमंत्री ने ‘द केरल स्टोरी’ के दूसरे भाग की आगामी रिलीज पर चिंता व्यक्त करते हुए दावा किया था कि इसका पहला भाग “राज्य के प्रति नफरत फैलाने और उसकी धर्मनिरपेक्ष परंपरा को कमजोर करने के इरादे से” बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि संघ परिवार के केंद्रों ने ‘द केरल स्टोरी’ द्वारा प्रसारित झूठे विमर्श को और फैलाया। मुख्यमंत्री ने कहा, “वे आपसी सहमति से हुए विवाहों को भी सांप्रदायिकता और जबरन धर्मांतरण के उदाहरण के रूप में पेश करके झूठा प्रचार कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “यह हम में से प्रत्येक का दायित्व है कि हम ये सुनिश्चित करें कि केरल की धर्मनिरपेक्ष नींव झूठे प्रचार से कमजोर न हो और धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे के मूल्यों को कायम रखते हुए हम इसे खारिज करें।”