AI Summit: भारत दुनिया में सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल का केंद्र, AI समिट में बोले पीएम मोदी

AI Summit: प्रधानमंत्री मोदी एआई इंपैक्ट समिट के लिए भारत मंडपम पहुंचे, जहां उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला समेत कई अन्य अंतरराष्ट्रीय मेहमानों से मुलाकात की। पीएम मोदी ने गर्मजोशी के साथ वैश्विक हस्तियों का स्वागत किया।

एआई समिट में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा, भारत में वापस आकर बहुत खुशी हो रही है। हर बार जब मैं भारत आता हूं, तो बदलाव की गति देखकर अचंभित हो जाता हूं, और आज भी ऐसा ही है। जब मैं छात्र था, तब अक्सर चेन्नई से आईआईटी खड़गपुर तक कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन से जाता था।

वहां पहुंचने के लिए हम विशाखापत्तनम से होकर गुजरते थे। मुझे याद है कि वह एक शांत और साधारण तटीय शहर था, जिसमें अपार संभावनाएं थीं। अब उसी शहर में, गूगल भारत में अपने 15 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचे के निवेश के तहत एक पूर्ण-स्टैक एआई हब स्थापित कर रहा है। पूरा होने पर, इस हब में गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता और एक नया अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे होगा, जो पूरे भारत में लोगों और व्यवसायों के लिए रोजगार और अत्याधुनिक एआई लेकर आएगा।

फ्रांस राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत की तारीफ की-

एआई समिट में वैश्विक दिग्गजों की मौजूदगी में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जब नमस्ते से अभिवादन किया तो उनके इस व्यवहार ने सबका ध्यान खींचा। भारतीय परंपरा में नमस्ते के साथ संबोधन की शुरुआत करने वाले मैक्रों ने अपनी बातों से भी सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने भारत में यूपीआई और तेजी से हो रहे बदलावों को भी रेखांकित किया।

पीएम का संबोधन-

एआई समिट में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक हस्तियों का भारत आगमन के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक एआई इंपैक्ट समिट में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन। पीएम मोदी ने कहा, भारत दुनिया में सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल का केंद्र है।

पीएम मोदी, ये समिट जिस भारत में हो रही है वो भारत मानवता के छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। भारत सबसे बड़े टेक इनेबल्ड इको सिस्टम का उदाहरण है। हम नई तकनीक बनाते भी हैं और उसे अभूतपूर्व तेजी के साथ अपनाते भी हैं। नई तकनीक को लेकर उत्सुक 140 करोड़ भारतीयों की ओर से आप सभी राष्ट्राध्यक्षों, ग्लोबल एआई सिस्टम के लीडर्स और  इनोवेटर्स का स्वागत है।

इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है। इस समिट में एआई जगत के दिग्गज मौजूद हैं। दुनिया के 100 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व हो रहा है। दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव समिट की सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। इसमें युवाओं की उपस्थिति नया विश्वास पैदा करती है।

एआई समिट में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक हस्तियों का भारत आगमन के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा दुनिया की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक एआई इंपैक्ट समिट में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन। पीएम मोदी ने कहा, भारत दुनिया में सबसे बड़ा टेक टैलेंट पूल का केंद्र है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई की खूबियां गिनाते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भारत के युवा बदलाव ला सकते हैं। एआई में भारत को भय नहीं भाग्य दिखता है। उन्होंने एआई को इतिहास का सबसे बड़े परिवर्तन बताते हुए कहा कि मौजूदा दौर में जिसके पास डाटा है, उसके पास अधिकार भी हैं। ऐसे में हम एआई को जैसी दिशा में ले जाएंगे वैसे बदलाव होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक ऐसी ताकत है, जिसकी मदद से तेजी से बदलाव लाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, हालांकि, यह ऐसी शक्ति है जो अगर अपने लक्ष्यों से भटक जाए तो विनाश भी हो सकता है। यदि इसका सही उपयोग किया जाए, तो यह समाधान प्रदान करती है। सभी का कल्याण और खुशी ही एआई के लिए हमारा मानदंड है।

पीएम ने साझा किया MANAV Vision-

एआई के दुरुपयोग को बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, डीपफेक और मनगढ़ंत सामग्री खुले समाजों में अस्थिरता पैदा करती है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए ‘मानव विजन’ (MANAV Vision) भी साझा किया। पीएम मोदी ने एआई में नैतिकता,  नीतिपरक प्रणाली, जवाबदेह शासन और राष्ट्रीय संप्रभुता को शामिल किए जाने पर जोर दिया।

देश में निवेश का न्योता-

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में कहा, मुझे आपको बताते हुए खुशी हो रही है कि इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआई मॉडल्स और एप लॉन्च किए हैं। ये युवाओं की प्रतिभा के सबूत हैं। भारत जो सॉल्यूशन दे रहा है, ये उसकी गहराई और विविधता के भी प्रतिबिंब हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत सेमीकंडक्टर और चिप मेकिंग से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक एक रेजिलिएंट इको सिस्टम बना रहा है। सिक्योर डाटा सेंटर, मजबूत आईटी बैकबोन, डायनेमिक स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत को अफॉर्डेबल, स्केलेबल और सिक्योर एआई सॉल्यूशंस का नैचुरल हब बनाते हैं।

देश की ताकत को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारत के पास डायवर्सिटी, डेमोग्राफी के साथ-साथ डेमोक्रेसी भी है। जो एआई मॉडल भारत में सफल होता है, उसे वैश्विक स्तर पर भी आजमाया जा सकता है। उन्होंने टेक वर्ल्ड के दिग्गजों से भारत में निवेश का आह्वान करते हुए कहा, डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया, डिलिवर टू द वर्ल्ड, डिलिवर टू दी ह्यूमैनिटी।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में कहा, मुझे आपको बताते हुए खुशी हो रही है कि इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआई मॉडल्स और एप लॉन्च किए हैं। ये युवाओं की प्रतिभा के सबूत हैं। भारत जो सॉल्यूशन दे रहा है, ये उसकी गहराई और विविधता के भी प्रतिबिंब हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत सेमीकंडक्टर और चिप मेकिंग से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक एक रेजिलिएंट इको सिस्टम बना रहा है। सिक्योर डाटा सेंटर, मजबूत आईटी बैकबोन, डायनेमिक स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत को अफॉर्डेबल, स्केलेबल और सिक्योर एआई सॉल्यूशंस का नैचुरल हब बनाते हैं।

देश की ताकत को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारत के पास डायवर्सिटी, डेमोग्राफी के साथ-साथ डेमोक्रेसी भी है। जो एआई मॉडल भारत में सफल होता है, उसे वैश्विक स्तर पर भी आजमाया जा सकता है। उन्होंने टेक वर्ल्ड के दिग्गजों से भारत में निवेश का आह्वान करते हुए कहा, डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया, डिलिवर टू द वर्ल्ड, डिलिवर टू दी ह्यूमैनिटी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *