West Asia: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार मौजूदा पश्चिम एशियाई संकट से निपटने में घरेलू निर्यातकों की मदद के लिए सभी नीतिगत और सहायक उपायों का इस्तेमाल करेगी।
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने दैनिक आधार पर मुद्दों पर विचार करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है। पीयूष गोयल ने ‘आईआईएफटी वाइस चांसलर कॉन्क्लेव’ के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘सरकार हमारे निर्यातकों को समर्थन देने के लिए हर नीतिगत उपाय और निर्यात प्रोत्साहन मिशन का उपयोग करेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने निर्यातकों को सहूलियत देने के लिए कुछ तरीकों को औपचारिक रूप देंगे।’’ ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए संयुक्त हमले के बाद निर्यातकों को पश्चिम एशिया में खेप की आवाजाही के संबंध में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हर दिन अंतर-मंत्रालयी समूह निर्यातकों से बात करता है, वे प्रतिक्रिया लेते हैं और हम किसी भी तरह से अपने निर्यातकों का समर्थन करने में पीछे नहीं रहेंगे।’’
उन्होंने कहा कि भारत अपने उद्योगों द्वारा विदेशों के खरीदारों से किए गए सभी समझौतों और वादों को पूरा करता रहेगा, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों। वाणिज्य मंत्रालय इस मुद्दे पर पोत परिवहन मंत्रालय और शिपिंग कंपनियों से भी लगातार बातचीत कर रहा है, ताकि निर्यातकों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
जब उनसे माल ढुलाई के बढ़ते खर्च के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस पर भी काम कर रहा है और यह देख रहा है कि निर्यातकों पर पड़ने वाले बोझ को कैसे कम किया जाए।