Union Budget: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रोजगार बढ़ाने और रचनात्मक क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत की ‘ऑरेंज इकॉनमी’ को बढ़ावा देने की घोषणा की है। इसमें खास तौर पर एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर पर जोर दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि साल 2030 तक भारत के AVGC सेक्टर को करीब 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस क्षेत्र में कौशल विकास के लिए ठोस कदम उठाने का फैसला किया है।
इस योजना के तहत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) को और मजबूत किया जाएगा। IICT देशभर में AVGC स्किलिंग अभियान का नेतृत्व करेगा। इसके अंतर्गत 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी, ताकि छात्रों को एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और स्टोरीटेलिंग की ट्रेनिंग मिल सके।
वित्त मंत्री ने कहा कि ये लैब्स न सिर्फ रचनात्मक उद्योगों की जरूरतें पूरी करेंगी, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर क्रिएटिव सर्विस और बौद्धिक संपदा (IP) के निर्यात में भी मदद करेंगी।
बजट की यह घोषणा भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में बढ़ते अवसरों को देखते हुए की गई है। बाहुबली और RRR जैसी फिल्मों ने दिखाया है कि VFX और एनीमेशन आधारित कहानियों में बड़ी संभावनाएं हैं।
FICCI-EY 2024 रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एनीमे फैन बेस बन चुका है और आने वाले वर्षों में वैश्विक एनीमे रुचि में लगभग 60 प्रतिशत योगदान भारत से आने की उम्मीद है।
IICT की घोषणा पहली बार 2024 में AVGC-XR के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में की गई थी। इसके लिए कुल 391.15 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। यह संस्थान मुंबई में NFDC परिसर से संचालित हो रहा है और उद्योग आधारित पाठ्यक्रम पर काम कर रहा है।
IICT ने गेमिंग, एनीमेशन, पोस्ट-प्रोडक्शन, कॉमिक्स और XR से जुड़े 17 विशेष कोर्स शुरू किए हैं। साथ ही, Google, Meta, Microsoft, NVIDIA, Apple, Adobe और WPP जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी भी की है।
इसके अलावा, IICT स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी से जुड़े नए आइडियाज को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का भी काम करेगा, जो सरकार के ‘Create in India’ और ‘Brand India’ विजन के अनुरूप है।