Union Budget: भारत की झीलों की नगरी उदयपुर के पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग आने वाले केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। उनकी सबसे बड़ी मांग है कि उदयपुर की देश के अन्य हिस्सों, खासकर दक्षिण भारत से बेहतर कनेक्टिविटी की जाए। इसके साथ ही उदयपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की भी मांग की जा रही है।
पर्यटन से जुड़े लोगों ने कुछ अलग तरह के सुझाव भी दिए हैं। होटल व्यवसायी चाहते हैं कि पर्यटन उद्योग को टैक्स में राहत दी जाए। इसके अलावा, वे यह भी मांग कर रहे हैं कि देश के भीतर घूमने वाले लोगों को आयकर में छूट दी जाए, ताकि घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
होटल व्यवसायियों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से यह भी आग्रह किया है कि ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाएं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और नए पर्यटन स्थल विकसित होंगे।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि उदयपुर राजस्थान में हस्तशिल्प निर्यात का तीसरा सबसे बड़ा केंद्र है। हालांकि, घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, लेकिन उनके खर्च में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है।
विशेषज्ञों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किए गए वैश्विक टैरिफ युद्ध के कारण निर्यात पर भी असर पड़ा है। ऐसे में पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग को सहारा देने के लिए सरकार से किसी विशेष योजना की मांग की जा रही है।
कुल मिलाकर, उदयपुर का पर्यटन उद्योग आगामी केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें लगाए हुए है और चाहता है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में उनकी कुछ मांगों को जरूर जगह मिले।