Share Bazar: इक्विटी बेंचमार्क सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी लगभग एक प्रतिशत नीचे बंद हुए। बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं और लगातार विदेशी फंड की निकासी की वजह से बाजार की भावना पर नकारात्मक असर पड़ा।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 770 अंक की गिरावट के साथ 81,538 पर जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 241 अंक लुढ़ककर 25,048 पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसलने और 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले सतर्कता की वजह से भी बाजार का माहौल कमजोर बना रहा।
बाजार में निराशा का माहौल और गहराते हुए, मजबूत घरेलू संकेतों के अभाव में निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे व्यापक बाजार में बिकवाली और तेज हो गई। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में अडाणी पोर्ट्स, इटरनल लिमिटेड, इंडिगो, एक्सिस बैंक और बजाज फिनसर्व सबसे ज्यादा लुढ़के। जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एशियन पेंट्स और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर सबसे ज्यादा चढ़े।
क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो रियल एस्टेट, बिजली, पूंजीगत वस्तुएं, बैंक, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य सेवा, ऑटो और तेल एवं गैस क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। जापान के निक्केई, हॉन्गकॉन्ग के हैंग सेंग, चीन के शंघाई कंपोजिट और सियोल के कोस्पी सहित लगभग सभी एशियाई बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोपीय बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए। विदेशी संस्थागत निवेशक गुरुवार को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्हें लगभग 2,450 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।