Republic Day: हथियारों को शक्ति, सुरक्षा और अनुशासन का माध्यम मानकर सम्मान देना भारतीय सेना की परंपरा का प्रतीक रहा है। इसमें 21 तोपों की सलामी की खास जगह है। देश के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली 21 तोपों की सलामी एक बार फिर भारतीय सेना की अनुशासन, सटीकता और स्वदेशी ताकत की मिसाल बनेगी।
देश भर में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में सशस्त्र बल राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली परेड के लिए कड़ा पूर्वाभ्यास कर रहे हैं। सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए, भारत के राष्ट्रगान की अवधि, यानी 52 सेकंड के भीतर अपनी सटीकता का प्रदर्शन करना गर्व की बात है।
शस्त्र पूजा के बाद लगातार पूर्वाभ्यास किया जा रहा है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि इससे किसी भी तरह की गलती की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाती है। उनके मुताबिक मामूली सी देरी भी समारोह के क्रम को बाधित कर सकती है। सदियों पुरानी सैन्य परंपरा में शामिल, 21 तोपों की सलामी सम्मान, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव का एक शक्तिशाली प्रतीक बनी हुई है।