Data Centre: केंद्रीय बजट 2026 में डेटा सेंटर और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर काफी जोर दिया गया है। इसके तहत सरकार उन विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक कर छूट की पेशकश कर रही है, जो भारत में डेटा सेंटर चलाती हैं और दुनिया भर के ग्राहकों की सेवा करती हैं।
लेकिन डेटा सेंटर वास्तव में है क्या?
इसे इंटरनेट का अदृश्य इंजन रूम कहा जा सकता है। हर बार जब आप कोई ईमेल भेजते हैं, फिल्म देखते हैं, डिजिटल भुगतान करते हैं या एआई से कोई प्रश्न पूछते हैं, तो उसका डेटा बनता है। उस डेटा को संग्रहित, क्रमबद्ध और संरक्षित किया जाना चाहिए और मिलीसेकंड में आपको वापस भेजा जाना चाहिए, डेटा सेंटर यही करते हैं।
इनमें ताकतवर सर्वर होते हैं जो लगातार सूचना को संसाधित करते हैं, ये तय करते हैं कि ये कहां जाएगी, कितनी तेजी से आगे बढ़ेगी और इसे कितने सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाएगा। एआई के लिए, ये केंद्र मॉडल को प्रशिक्षित करते हैं, बड़े पैमाने पर डेटासेट तैयार करते हैं और तुरंत जवाब देते हैं।
दुनिया भर की टेक कंपनियां पहले ही अरबों डॉलर का निवेश कर चुकी हैं और सरकार को उम्मीद है कि डेटा सेंटर में करीब 200 बिलियन डॉलर का निवेश होगा। इन्हें भारत के डिजिटल भविष्य के लिए हाइवे और पावर प्लांट की तरह जरूरी ढांचा माना जा रहा है।